11 जून 2011

एटावावाद में आतंकवादियों का सम्मेलन सम्पन्न?



कार्टून - बामुलाहिजा ब्लॉग से साभार 


टेरर वर्ल्ड में आज कल जिस खबर की चर्चा ब्रेकिंग न्यूज की तरह हो रही है वह ओसामा विन लादेन के पाक की मिली भगत से मारे जाने की नहीं बल्कि कसाब पर भारत सरकार के प्रति दिन 15 लाख रूपया खर्चने तथा दिग्गी के ओसामा जी संबोधन की है।

इस सबंधं में असुत्रों से मिल रही सूचना के अनुसार दुनिया भर के टेररिस्टों की एक बैठक एटावाबाद के ओसामा हाउस में आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से भारत सरकार की आतंकियों के मेहमानबाजी करने तथा बाबाओं को खदेड़ खदेड़ का पीटने की भूरी भूरी प्रसंसा की गई। साथ ही साथ सोनीया मैडम के डपोरशंखी डुगडुगी (दिग्गी) की जिह्वा पर बैठकर ओसामा जी ओसामा जी उचारने को लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया गया। साथ ही अन्ना की अन्ट सन्ट और बाबा की बकबक पर दमनचक्र चलाने के लिए मन (सोनी) मोहन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा गया कि इस प्रकार के कालाधन और भ्रष्टचार पर अंकुश लगा देने से हमलोगों का कारोबार चौपट हो जाएगा एवं बड़े नेताओं, नौकरशाहों तथा व्यापरियों के ‘‘खून की कमाई’’ लुट जाएगी। 

अन्त में अपने अध्यक्षीय संबोधन में दाउद भाई ने कहा कि अमेरकी ड्रोन हमलों से बचने तथा बाकि जिंदगी ‘‘शांति के साथ’’ बिताने के लिए वह इंडिया में सरेन्डर करेगा तथा सभी लोगों को भी ऐसा ही करना चाहिए। इस समझौते के अनुसार इस कार्य के लिए समय समय पर फतवा जारी करना होगा। बस।
वहीं अलजवाहरी के एक सवाल के जबाब में भाई ने कहा कि उनके लिए एक सेमिनार ‘‘ सम्प्रदायिकता से देश को खतरा’’  का आयोजन दिल्ली के मंतर मैदान में करा देते है शर्त यही होगी की वहां भाजपा और आर एस एस को गरियाना होगा । भाई ने बताया कि गिलानी का दिल्ली वाला सेमिनार उसी ने मैडम से बतिया कर मैनेज करवाया था।

अन्त में सर्व सम्मति से अमेरिका से पंगा नहीं लेते हुए दुनिया में आतंक फैलाने का निर्णय लिया गया एवं अमेरिका के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए पाक के माध्यम से हथियार उपल्बध कराने के लिए धन्यवाद दिया एवं निर्णय लिया गया कि भारत के सरेन्डर करने की जानकारी हर किसी को ईमेल, एसएमएस, मोबाइल सहित अन्य माध्यमों से देना है और जिनके नाम की प्राथमिकी उधर के थाने में दर्ज नहीं है उनके नाम की प्राथमिक थाने मंे दर्ज कराने के लिए प्रति आतंकी 500 रू. का नजराना अग्रिम जमा कराना होगा।

मोनू खान

मोनू खान। फुटपाथ पर बुक स्टॉल चलाते वक्त मित्रता हुई और कई सालों तक घंटों साथ रहा। मोनू खान, ईश्वर ने उसे असीम दुख दिया था। वह दिव्यांग था। ...