02 नवंबर 2012

हिन्दु करते है मजार की देखभाल। जिंदाशाह की मजार पर लगा उर्स का मेला।


बरबीघा, शेखपुरा (बिहार)
कौन हिन्दू, कौन मुस्लमा यह तुम जानो/हम तो आदमी हें आदमी से प्यार करते है। कुछ इसी अंदाज को जिबंत करता है बरबीघा के रामपुर सिंडाय गांव में स्थित जिंदाशाह का मजार। इस मजार की देख भाल से लेकर उर्स मेले का प्रतिवर्ष आयोजन तक का काम गांव के हिंदू समुदाय के लोग ही करते है। कार्तिक माह के चतुर्थी के दिन इस मजार पर प्रतिवर्ष उर्स मेला का आयोजन किया जाता है जिसमें बरबीघा के आसपास के लोगों से लेकर बंगाल, उत्तरप्रदेश सहित अन्य जगहों से लोग आते।
सालों से आस्था का प्रतीक जिंदा शाह के मजार पर चादरपोशी से लेकर अन्य धार्मिक काम मो0 जमील करते है जबकि देखभाल एवं मेला आयोजन का उपेन्द्र सिंह, धनन्जय कुमार, साकेत सिंह, राजीव सहित अन्य लोग करते है। मनोकामना पुर्ति स्थल के रूप में प्रसिद्ध इस मजार पर प्रति सप्ताह गुरूवार का विशेष पूजा की जाती है।
उर्स मेले के दिन जहां इस मजार पर मुस्लिम समुदाय के लोग चादर चढ़ाते है तो हिन्दू समुदाय के लोग अपने रीती रिवाज से पूजा करते है। इस मजार पर बली प्रथा का आयोजन भी होता है जहां दोनांे समुदाय के लोग मन्नते पुरी होने पर बकरे की बली देते।
इस मजार पर रात भर चलने वाले मेले को लेकर गांव कें लोगों में काफी उत्साह है और गांव के लोग मिलकर कफन नाटक का मंचन भी किया।


6 टिप्‍पणियां:

  1. उस मजार को खोद के देखिये अंदर कौन सा जीव मरा पडा है जो बकरे के खुन का प्यासा है ।

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  2. हमारे यहां धार्मि‍क सौहार्द के असंख्‍य उदाहरण है पर फि‍र भी कुछ लोग हैं कि‍ उन्‍हें यह रास नहीं आता

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  3. विभिन्‍न धर्मों के मध्‍य सौहार्द को बनाए रखना असली धर्म है
    अच्‍छा लगा जानकर

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  4. मजहब का सौहार्द बनाए रखना ही हमारा धर्म है,,,,

    RECENT POST : समय की पुकार है,

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  5. सौहार्द को बनाए रखना असली धर्म है

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  6. Ye majar pir fakir sab akramanakari the jo bakhityar khilji ki fauj ke sath aaye aur scout ka kam karte the bahut sare gezzetiers and report me iska details hai matokhar ka dargah v Kali mandir ke uper bna hua hai jiska jikr Hawaldar trioaghi ne 1972 me likhi apni book south Bihar ki nadiya me kiya ahi..ye kabarpuja se hidnuo ko dur rehna chate ye sab hindu area me.jamin kabjane ka dhandha hai kripya murdo ki puja ko badhava na de 1946 me bafbigha me.muslim league ne gundi ki thi jab puri tarah peete to ye ilakhkb

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