05 दिसंबर 2012

भागमभाग


जीवन के जद्दोजहद में
भागते भागते
बहुत कुछ छूट गया है पीछे....

छूट गया पीछे
दलान पर
गांव-जबार से लेकर
दुनीया भर  की चिंताओं
पर चिंतन करना...

छूट गया पीछे
पनघट-पनहारिन
देवर-भौजाई
मौया-बाबू

छूट गया पीछे
दोल-पत्ता
गुल्ली-डंडा
नुक्का-छुप्पी
श्याम-चकेवा

छूट गया पीछे
भोज-भात में
पंगत-पत्तल
होय हरी
रामरस

छूट गया पीछे
किसी के निधन पर
शव निकलने तक
चुल्हा नहीं जलना
कहमां से हंसा आ गेलै
निर्गुण का सुनना
बाबू जी का परतकाली
देवर-भौजाई
साला-साली
के बीच की प्रेमपुर्ण गाली

कहां थे हम, कहां आ गए।
भागमभाग में सबकुछ लुटा गए।।



सच है : अयोध्या में हिंदू करा रहे मस्जिद निर्माण

हिंदू आतंकवादी मुस्लिम आतंकवादी इस तरह के राजनीतिक शब्द जालों के बीच उसी अयोध्या में एक सकारात्मक खबर है परंतु इस पर सन्नाटा भी है। अय...