20 मार्च 2013

ढाई आखर प्रेम का पढ़ै सो पंडित होय....


बरबीघा मिशनरी चर्च में स्थापित माता मरियम की इस प्रतिमा को स्कूली बच्चों ने देवी दुर्गा की चुनरी एवं रूद्राछ की माला पहना दिया। हम अपने धर्म को लेकर चाहे जितना आडम्बर करें पर आम आदमी का धर्म तो प्रेम ही है। चाहे वह किसी भी धर्म के प्रति हो। जिस दिन हम यह समझ जाएगें पृथ्वी ही स्वर्ग हो जाएगी।



रंडीबाज

रंडीबाज (लघुकथा, एक कल्पकनिक कथा। इस कहानी से किसी व्यक्ति या संस्था को कोई संबंध नहीं है) चैत के महीने में अमूमन बहुत अधिक गर्मी नहीं होत...