18 सितंबर 2012

एक छोटी सी लव स्टोरी के सुधी पाठकों से क्षमा याचना के साथ निवेदन..

एक छोटी सी लव स्टोरी के संबंध में कुछ मित्रों की सलाह है कि अब इसे ब्लॉग में न देकर एक किताब की शक्ल देनी चाहिए और इसी दुविधा की वजह से अगली कड़ी अटकी हुई है....प्रकाशक की खोज जारी है.....
आपके विचार के इंतजार में...
आपका
अरूण साथी

कविवर को नमन

किसान (कविता) / मैथिलीशरण गुप्त हेमन्त में बहुदा घनों से पूर्ण रहता व्योम है पावस निशाओं में तथा हँसता शरद का सोम है हो जाये अच्छी भी फसल...