18 सितंबर 2012

एक छोटी सी लव स्टोरी के सुधी पाठकों से क्षमा याचना के साथ निवेदन..

एक छोटी सी लव स्टोरी के संबंध में कुछ मित्रों की सलाह है कि अब इसे ब्लॉग में न देकर एक किताब की शक्ल देनी चाहिए और इसी दुविधा की वजह से अगली कड़ी अटकी हुई है....प्रकाशक की खोज जारी है.....
आपके विचार के इंतजार में...
आपका
अरूण साथी

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर अरुण साथी ताजिया को अपने कंधे पर उठाए मेरे ग्रामीण युवक बबलू मांझी रात भर जागकर नगर में घूमता रहा। ...