09 अक्तूबर 2012

रिमझिम बरसात .. और कादम्बिनी



आज रिमझिम बरसात हो रही है और ऐसे में गांधी जी को समर्पित कादम्बिनी के इस अंक को पढ़ने का मजा.... निश्चित ही कादम्बिनी का यह अंक पठनीय और संग्रहणीय है।  


हलाला बनाम बलात्कार

हलाला बनाम बलात्कार (अरुण साथी) पिता समान ससुर से सेक्स की बात को मजहब के आड़ में हलाला बता सही ठहराते हो हो शैतान और तुम मुल्ले-मौ...