17 जुलाई 2013

बाबा रामदेव के चेले की काली करतूत

बाबा रामदेव के चेले की काली करतूत अभी अभी सामने आई है। बिहार के शेखपुरा जिले के बरबीघा बाजार में किराना की दुकान चलाने वाले एक चेले ने लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर लाखों की ठगी की है। खबर है कि ठगी के शिकार हुए लोग रोज उनके दुकान और घर पर जाकर हंगामा कर रहे है। वहीं उनके द्वारा एनआईओएस में परीक्षा पास कराने के नाम पर भी दस दस हजार की बसूली की गई है।
समारोहों से लेकर चाय दुकान तक साहब भ्रष्टाचार को लेकर इतना लंबा फेंकते है कि एकबारगी लगता है गांधी जी भूत इनमें ही समा गया हो....जनाब ने दिल्ली तक जाकर बाबा जी के आंदोलन में भी हिस्सा लिया है।
अब इनके सहारे बाबा जी देश से भ्रष्टाचार मिटाने की बात करते है तो परिणाम क्या होगा समझा जा सकता है।

4 टिप्‍पणियां:

  1. आपनें जिसका जिक्र अपनें लेख में चेले के रूप में किया है वो गलत है क्योंकि चेले और समर्थक में फर्क होता है और वो समर्थक था ना की चेला और दूसरी बात बाबा रामदेव के करोड़ों समर्थक हैं और किसी एक समर्थक द्वारा की गयी किसी नीच हरकत के लिए बाबा रामदेव को कैसे आपनें आरोपों के घेरे में ले लिया ! इस तरह तो आप किसी गांधीवादी की नीच हरकत के लिए गांधीजी को जिम्मेदार ठहरा देंगे जो क्या उचित होगा !

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    1. चेले और समर्थक सिर्फ शब्द जाल है... फिर भी मैंने बाबा जी को घेरे में नहीं लिया है देश और समाज के एक सच को आइना दिखाया है जो सामने आया उसे लिखा है बस.... मैं इसके लिए बाबा को दोषी भी नहीं बता रहा....

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  2. जब चेला बेईमान है तो गुरू कितना इमानदार होगा,,,

    RECENT POST : अभी भी आशा है,

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  3. पूर्वाग्रहग्रस्त लेख,जब सरकार के, कार्यों के लिए आप यह तर्क देते हैं कि बेचारी सरकार कहाँ कहाँ किसके पीछे पड़े घूमे सरकार स्वयं यह बयानदेती है कि इस प्रकार कि गतिविधियों को रोकना मुश्किल है,तो बाबा रामदेव किस किस के पीछे घूमेंगे.यही बात अन्य लोगों पर लागू होती है.ऐसे में केवल किसी व्यक्ति विशेष को जबरन बदनाम करने की.यह महज एक कोशिश ही है.

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