10 सितंबर 2013

मार्मिक पल... जब वरिष्ठ पत्रकार शोक सभा में रो पड़े....


बरबीघा के श्री नवजीवन अशोक पुस्तकालय में युपी में आईबीएन7 पत्रकार राजेश वर्मा की हत्या पर शोक सभा का आयोजन किया गया था। इसमें सभी पत्रकार जुटे और अपनी अपनी वेदना रखी। 

इस इस शोक सभा में बोलते बोलते बरिष्ठ पत्रकार डा. दामोदर वर्मा रो पड़े... उनके आंसू तब छलक पड़े जब उन्होंने अपने जैसे ग्रामीण पत्रकारों की उपेक्षा और अपनी आर्थिक तंगी के बीच समाचार भेजने के संधर्ष का जिक्र किया। डा. वर्मा दैनिक हिन्दुस्तान में पिछले 35 साल से रिर्पोटर है....अपने अध्यक्षीय संबोधन में बीच में ही रोते हुए बैठ गए....

उन्होने कहा कि कैसे 10 प्रति न्यूज पर काम करते हुए पत्रकारिता के लिए संधर्ष किया जा रहा है और फिर किसी प्रकार का दुखद पल आने पल आने पर मीडिया घराना उनकी सुध तक नहीं लेता। और तो और जिस समाज के लिए एक पत्रकार सर्वस्व न्योछावर कर देता है वहीं समाज जरूरत पड़ने पर उनके लिए कुछ नहीं करता....

सोशल मीडिया छोड़ो सुख से जियो, एक अनुभव

सोशल मीडिया छोड़ो, सुख से जियो, एक अनुभव अरुण साथी पिछले कुछ महीनों से फेसबुक एडिक्शन (सोशल मीडिया एडिक्शन) से उबरने के लिए संघर्ष करना पड़ा...