17 अक्तूबर 2014

बधिया किया हुआ आदमी...

कामाग्नी को दमित करने
लेकर हंसुली-लहरनी
निकाल लिया जाता है
उसका अण्डकोश
कर दिया जाता है
जानवरों का
बधिया...



जाति-धर्म
गोत्र-गोतिया
शुद्र-ब्राह्मण
काला-गोरा
शिया-सुन्नी
ईसाई-यहूदी

नामक कई औजारों से
निकाल लिया जाता है
आदमी के दिमाग से
उसका
स्वबोध.....

और कर दिया जाता है आदमी का बधिया...

एक भूमिहार ब्राह्मण रमेश सिंह भला भूख से कैसे मर सकता है...? सबका यही सवाल..

( मैं हूँ ट्विटर पे @arunsathi ) घटना उद्वेलित भी करती है और उद्विग्न भी। मंगलवार की शाम जब यह खबर मिली की भूख और आर्थिक तंगी की वजह से शे...