17 अक्तूबर 2014

बधिया किया हुआ आदमी...

कामाग्नी को दमित करने
लेकर हंसुली-लहरनी
निकाल लिया जाता है
उसका अण्डकोश
कर दिया जाता है
जानवरों का
बधिया...



जाति-धर्म
गोत्र-गोतिया
शुद्र-ब्राह्मण
काला-गोरा
शिया-सुन्नी
ईसाई-यहूदी

नामक कई औजारों से
निकाल लिया जाता है
आदमी के दिमाग से
उसका
स्वबोध.....

और कर दिया जाता है आदमी का बधिया...

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (18-10-2014) को आदमी की तरह (चर्चा मंच 1770) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच के सभी पाठकों को
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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