10 जनवरी 2015

मरने वालों की सूची में मेरा नाम

जो लोग प्रर्यायवाची अपशब्दों
की तरह
सेकुलर कहके
डराना चाहते है
यह कविता उनके लिए है.....

सुनो
सीरिया, पेरिस, पेशावर
मुम्बई, गोधरा-गुजरात
में जिन्होंने
मौत का ताण्डव किया
वो भी थे
तुम्हारी ही तरह
धर्मान्ध......

तुम्हारी ही तरह 
उन्हें भी लगता है
खामोश कर दो
काफीरों को..

पर सुनो
सभी धर्मों से समभाव
मेरा है स्वभाव
इसलिए
शार्लों एब्दो 
वालों की ही तरह मैं भी
मरने वालों की सूची में
अपना नाम पसन्द करूंगा....

मारने वालों की सूची में 
तुम्हारा नाम
तुम्हें मुबारक हो......

मौत से लड़कर रोहित का चला जाना गम दे गया...

मौत से लड़कर रोहित का चला जाना.. गम दे गया.. (अरुण साथी) मुझे ऑक्सीजन की जरूरत है, कहाँ मिलेगा.…..तकलीफ हो रही है...रोहित का कॉल। एक लड़खड़ात...