13 जनवरी 2018

देशद्रोही साबित करो गैंग माननीयों के पीछे

           चार माननीयों ने जब लोकतंत्र के लिए खतरे की बात कही तो स्वघोषित कट्टरपंथी और देशद्रोही साबित करो गैंग सक्रिय हो गई है। सोशल मीडिया पर तरह तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। वह भी तब जबकि सुब्रमण्यम स्वामी जैसे स्पष्टवादी व्यक्ति ने भी कह दिया है कि माननीय की ईमानदारी पर शक नहीं किया जा सकता और उन्होंने विवश होकर ही चौथेखंभे की शरण ली होगी। ऐसी स्थिति में देशद्रोही साबित करो गैंग की सक्रियता वास्तव में खतरनाक संकेत है।

         सर्वोच्च संस्था के माननीय कि यह अभिव्यक्ति महज इस बात की घोषणा है कि लोकतंत्र में यदि किसी बात की सुनवाई नहीं होगी तो चौथेखंभे पर ही भरोसा किया जा सकता है। वैसे तो चौथे खंभे की विश्वसनीयता भी आज कटघरे में है। बावजूद इसके माननीयों ने चौथे खंभे पर ही भरोसा किया जो इस बात की भी घोषणा है कि पतन के बावजूद आज भी चौथाखंभा लोकतंत्र की इमारत का एक मजबूत आधार है।

     खैर, उधर देशद्रोही साबित करो गैंग माननीय के पार्टी विशेष, विचारधारा विशेष से जुड़े होने अथवा कई तरह के मामलों में धर्म विरुद्ध फैसले देने सहित कई तरह के प्रोपगंडा चला रहे हैं।

स्वघोषित कट्टरपंथी यह भी नहीं समझ पाते कि यह माननीय अपनी निष्ठा और ईमानदारी के दम पर भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए सतत प्रयासरत रहे हैं। यह विवाद सर्वोच्च संस्था के बीच का विवाद है और इस विवाद को गंभीरता पूर्वक कानूनविद ही समझ सकते हैं। इस मामले को लेकर सत्ताधारी पक्ष में भी राजनीति नहीं करने की बात कही है परंतु जो स्थिति सामने उभरकर आई है उससे यह स्पष्ट होता है कि स्थिति कहीं ना कहीं खतरनाक मोड़ की ओर अग्रसर है और इसे देश के सभी सर्वोच्च संस्थानों की सक्रियता से रोका जा सकता है।


उधर देशद्रोही साबित करो गैंग और कट्टरपंथी समाज की तरह बनने की घोषणा करने वाले गैंग की मानसिकता को भला कौन रोक सकता है। सभी लोग डुगडुगी बजा रहे हैं। सोशल मीडिया पर काफी शोर है। व्हाट्सएप के इनबॉक्स में काफी मैसेज आ रहे हैं! लगे रहिए, सर्वज्ञ आप ही हैं! व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का ज्ञान ही सर्वोपरि ज्ञान है! जय हिंद!जय भारत!

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