15 अगस्त 2013

अपने ही देश में तिरंगा पराया हो जाएगा।


किसने सोंचा था

‘‘केसरिया’’

आतंक के नाम से जाना जाएगा?

‘‘सादा’’

की सच्चाई गांधी जी के साथ जाएगा?

‘‘हरियाली’’

के देश में किसान भूख से मर जाएगा?


और

कफन लूट लूट कर स्वीस बैंक भर जाएगा?


किसने सोंचा था

लोकतंत्र में
गांधीजी की राह चलने वाला मारा जाएगा।
?

आज भी भगत सिंह फंसी के फंदे पर चढ़़ जाएगा।
?

किसने सोंचा था

भाई भाई का रक्त बहायेगा।
?

देश के सियाशत दां आतंकियों के साथ जाएगा?

अपने ही देश में तिरंगा पराया हो जाएगा।

और हमारा देश
शान से
आजादी का जश्न मनाएगा।


जय हिंद।

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर अरुण साथी ताजिया को अपने कंधे पर उठाए मेरे ग्रामीण युवक बबलू मांझी रात भर जागकर नगर में घूमता रहा। ...