21 अक्तूबर 2013

प्रधानमंत्री


एबीपी न्यूज पर एक ऐतिहासिक धारावाहिक है प्रधानमंत्री । वर्षों बाद कोई धारावाहिक देखने के लिए एक सप्ताह का इंतजार करता हूं और पूरा एक घंटा देखकर ही हिलता हूं। कल इसको देखते हुए खून खौल गया। कांग्रेस ने ही देश को तोड़ने की शुरूआत की। 1984 के सिख दंगों के बाद तत्कालिन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा कि ‘‘जब बड़े दरखत गिरते है तो आसपास की जमीन हिलती ही है।’’ कत्लेआम होता रहा और सरकार खामोश रही और इतना ही नहीं दंगा कराने वालों को पद और प्रतिष्ठा भी प्रदान किया गया।

वहीं शाहबानों प्रकरण पर सुप्रिम कोर्ट का फैसला पलट कर कांग्रेस ने मुस्लिम महिलाओं को नरक भोगने पर मजबूर किया और मुस्लिम तुष्टीकरण की जा शुरूआत की थी उसकी सजा आज तक हम भोग रहे है और मंदिर का ताला खुलबाकर बाबरी मस्जिद को गिराने की बुनियाद भी कांग्रेस ने ही रखी और आज सेकुलर का तमगा भी उसी के पास है.. हाय राजनीति...

रंडीबाज

रंडीबाज (लघुकथा, एक कल्पकनिक कथा। इस कहानी से किसी व्यक्ति या संस्था को कोई संबंध नहीं है) चैत के महीने में अमूमन बहुत अधिक गर्मी नहीं होत...