03 अगस्त 2021

ईश्वर हमें बुला लेते हैं

सोमवार की रात्रि मित्र शांति भूषण  के यहां से  के साथ लौट रहा था तभी मित्र अविनाश काजू  मिले और फिर दर्शन हुआ एक ऐतिहासिक धरोहर से । यह शिव मंदिर बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ श्री कृष्ण सिंह के जन्म भूमि पर उनके वंशजों के द्वारा आज ही संचालित है। बिहार केसरी के पिता श्री हरिहर सिंह के नाम पर यह स्थापित है। देवकीनंदन सिंह उनके बड़े भाई ने इसकी स्थापना की। देवकी बाबू प्रख्यात ज्योतिषाचार्य हुए और ज्योतिष रत्नाकर पुस्तक आज दुनिया में यह मानक पुस्तक है।




आश्चर्यजनक बात यह कि मंदिर के प्रथम तल पर राजकुमारी देवी संस्कृत विद्यालय का संचालन होता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि लालू यादव के जमाने में चरवाहा विद्यालय तो खोला गया परंतु इस तरह के संस्कृत विद्यालय को बंद कर दिया गया था। यहां से संस्कृत में स्थान स्नातक तक की पढ़ाई होती थी। अब उस स्कूल का कोई अस्तित्व नहीं है। ॐ नमः शिवाय

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