28 मई 2010

झमाझम बारिस

सुबह जैसे ही आंख खुली झमाझम बारिस ने मौसम खुशनुमा बना दिया. काले बदलों ने पूरे आकाश को अपने आगोश में ले लिया बिल्कुल अमावस्या की रात की तरह अंधेरा छा गया. प्यासी धरती खुशी से झूम गई. खेतों में पानी भर आया. किसान खेत की जुताई की तैयारी में जुट गये है. मैं भी धान के बिचरे लगाने वाले खेत की जुताई करबाने जा रहा हूं.

एचएम और शिक्षक सरकारी स्कूल में पी रहे थे ताड़ी, शिक्षक ने मिलाया जहर

सरकारी स्कूल में नशीला पदार्थ आया ताड़ी, शिक्षक ने मिलाया जहर शेखपुरा बिहार में शिक्षा व्यवस्था का हाल बदहाल है। सरकारी स्कूल में प्रधानाध्...