10 मार्च 2014

सत्यमेव जयते

पुण्य प्रसुन बाजपेई के विडीओ को लेकर उनकी पत्रकारिता के साथ प्रश्न उठाए जा रहे है। जी न्यूज वाले (जहां से वे छोड़ कर आजतक आए है) इसपर मुहिम चला रहे है! विडम्बना है। मीडिया से जुड़े लोगों को पूरी तरह से पता है कि किसी भी नेता का इंटरव्यू के पहले या बाद में फॉर्मल बातचीत होती जहां नेता को अच्छे से इंटरव्यू चलाने का भरोसा देते है पुण्य प्रसुन के विडीओ में इससे अधिक कुछ नहीं है।
पर बात चुंकी अरविन्द्र केजरीबाल से जुड़ा है सो भूसे की ढेर से सुई खोजी जा रही है। यह इंटरव्यू चंुकी लाइव था तो किसी हिस्से को ज्यादा या कम दिखाया ही नहीं जा सकता सो यह आरोप ही निराधार है कि केजरीबाल के कहने पर कुछ हिस्से को ज्यादा दिखाया गया।
इस वीडियों में कहीं पैसे लेने की बात नहीं हो रही है पर पेश ऐसे किया जा रहा है जैसे बाध मार दिया। खैर, पुण्य प्रसुन तुम धवड़ना मत बहुत से लोग तुमसे हौसला पाते है तुम अपना हौसला मत छोड़ना.....हमेशा से सत्य की जीत होती है, आज भी होगी, सत्य मेव जयते....

मोनू खान

मोनू खान। फुटपाथ पर बुक स्टॉल चलाते वक्त मित्रता हुई और कई सालों तक घंटों साथ रहा। मोनू खान, ईश्वर ने उसे असीम दुख दिया था। वह दिव्यांग था। ...