08 मार्च 2014

औरत केवल औरत नहीं होती..(महिला दिवस पर )

औरत केवल औरत नहीं होती..
वे होती एक मां
जिनकी आंचल में पलती है
जिंदगी।

वे होती है एक पत्नी
जिनकी आंचल में पलता है
प्यार।

वे होती है बहन-बेटी
जिससे आंगन मे पलता है
दुलार.

औरत केवल औरत नहीं होती
वे है तो होता ईश्वर के होने का होता है एहसास ...

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर अरुण साथी ताजिया को अपने कंधे पर उठाए मेरे ग्रामीण युवक बबलू मांझी रात भर जागकर नगर में घूमता रहा। ...