30 अप्रैल 2014

कल, आज और कल...

सुना है वह
ब्रह्म का अंश और
प्रकाण्ड विद्वान था....

और यह भी कि वह
शिव का उपासक था...

सुना तो यह भी है कि उसने
सोने का नगर बसाया...

और वह
आसमान में सीढ़ी लगा,
स्वर्ग तक
बनाना चाहता था रास्ता....

और सुना है
उसका नाम
रावण था....



वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर अरुण साथी ताजिया को अपने कंधे पर उठाए मेरे ग्रामीण युवक बबलू मांझी रात भर जागकर नगर में घूमता रहा। ...