28 मई 2014

दो पुराने मित्रों का वार्तालाप

मोदी जी बोले- आपको कितनी सीटें मिली, कहिए?
नीतीश बाबू ने कहा - दो।
मोदी बोलो-लो।
मित्रता में यह कैसा संयोग
बनारस और बड़ौदा
मुझको भी सीटें मिली दो
अब आगे क्या करोगे, कहो?

नीतीश बाबू ने कहा- इस्तीफा दूंगा।
बोले मोदी- मित्र,
आपने भले ही भोज का न्यौता दे, बिज्जे गायब किया।
पर मैं मित्र धर्म का पालन करूंगा
और आपके साथ साथ
मैं भी सीएम की कुर्सी से इस्तीफा दूंगा.....
मैं भी सीएम की कुर्सी से इस्तीफा दूंगा.....

मौत से लड़कर रोहित का चला जाना गम दे गया...

मौत से लड़कर रोहित का चला जाना.. गम दे गया.. (अरुण साथी) मुझे ऑक्सीजन की जरूरत है, कहाँ मिलेगा.…..तकलीफ हो रही है...रोहित का कॉल। एक लड़खड़ात...