18 सितंबर 2014

डायन बता कर परिवार सहित महिला को गांव से भगाया।







डायन बता कर परिवार सहित महिला को गांव से भगाया।

बरबीघा पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद।

डायन के आरोप में कई सालों से प्रताडि़त हो रही है महिला।

बरबीघा, शेखपुरा, बिहार



थाने में बैठ कर रोती, गुहार लगाती सत्तर वर्षिय सबुजी देवी को देख यह नहीं कहा जा सकता कि हम आज चाँद और मंगल ग्रह पर जाने वाले आधुनिक युग में जी रहे है। सबुजी देवी, उसके पति अवधेश प्रसाद सहित उसके पूरे परिवार को  गांव वालों ने डायन के आरोप मे मारपीट कर गांव से भगा दिया। इनका पूरा परिवार थाने में शरण ले रखी है।

 यह पूरा मामला बरबीघा नगर पंचायत के नसीबचक मोहल्ले का है। पूरे मामले की जानकारी देती हुई सबुजी देवी रोते हुए कहती है कि उनके उपर डायन होने का यह आरोप कई सालों से लगाया जा रहा है और आज हार कर वह थाने की शरण में आई। सबुजी देवी ने बताया कि पहले वह नालन्दा जिले के सारे थाना के हरगांवा में रहती थी और वहां से भी गांव वालों ने मार-पीट कर भगा दिया। हरगांवा में उनको एक बार जला कर मारने का प्रयास भी किया गया।

 वहीं अवधेश प्रसाद कहते है कि बुद्धवार को पड़ोस के सतीश कुमार के घर उसकी रिश्तेदार अपनी दस साल की बेटी के साथ आई और उसकी तबीयत खराब होने पर गुरूवार की सुबह गांव के सारे लोग जुट कर उसके घर पर आ गए और डायन कह कर उनकी पत्नी के साथ मारपीट करने लगे और प्रतिरोध करने पर उनके तथा उनकी भतीजी रीता देवी, उनकी भाई की पत्नी के साथ भी मारपीट किया।

 इतना ही नहीं गांव के लोग एक जुट होकर उनको और उनके परिवार को गांव से भगा दिया और जब वह बरबीघा थाना फरीयाद लेकर पहूंचे तो वहां से भी भगा दिया और मिशन टीओपी जाने के लिए कहा गया जो कि उनके मोहल्ले में स्थित है।

 वहीं जब ये लोग मिशन टीओपी पहूंचे तो गांव के सारे लोग टीओपी पर पहूंच कर हंगामा करते हुए वहां भी डायन बता कर महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी जिसे पुलिस के हस्तक्षेप से रोका गया। गांव वाले उनके  उपर लड़की का कलेजा निकाल लेने का आरोप लगा रहे थे तथा झाड़ फूंक करने के लिए दबाब दे रहे थे। वहीं महिला इस बात पर अड़ी हुई थी कि वह डायन नहीं है तो झाड़-फूंक क्यों करे।






सोशल मीडिया छोड़ो सुख से जियो, एक अनुभव

सोशल मीडिया छोड़ो, सुख से जियो, एक अनुभव अरुण साथी पिछले कुछ महीनों से फेसबुक एडिक्शन (सोशल मीडिया एडिक्शन) से उबरने के लिए संघर्ष करना पड़ा...