14 नवंबर 2016

जय की स्टाइल में बीरू की टांग खिंचाई

एक व्हाट्सएप्प ग्रुप में अपने मित्र को जोड़ने के बाद उनका परिचय जय के अंदाज में कराया..एक स्वस्फूर्त व्यंग्य.. पढ़िए..
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नए साथी का परिचय पत्र साथी की तरफ से।
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श्रीमान अभय कुमार, सकलदेव नगर, बरबीघा निवासी। हाल-मुकाम कटिहार।

पेशा- दूसरे की मौत का भयादोहन करने वाले वाले गिरोह का सरदार*

लक्षण- आदमी के बहुत कम लक्षण है पर आदमी का सबसे बड़ा गुण, पैसे का पीछा शौचालय से लेकर शयनकक्ष तक करने का गुण विद्यमान।

श्री गदर्भ जी महाराज के सभी लक्षण प्रचुरता से विद्यमान। जैसे की ढेंचू ढेंचू भाषा का प्रकांड विद्वान होना। दुलत्ती मारने का प्रशिक्षण जारी है पर अभी तक दुलत्ती मारना सीखे नहीं है।

दांत निपोड़ने के गदर्भ कला में पारंगत। और हाँ लीद करने की कला भी आती है इसलिए आसान नसमझें... और यह कि इनकी भी श्रीमती ( श्री देवी नहीं ) से फटती है..यानि यह दूसरा गुण भी गदर्भ और आदमी के सामान्य रूप से समान है। 

और यह की (दीन) दुनिया से निश्चिन्त है। अपने "काम" को सर्वाधिक प्राथमिकता देते है। पठन कला में माहिर है पर गदर्भ योनी की वजह से यह कला भी बिलुप्त हो गयी।

और हाँ, मेरे मित्र है, फेसबुक फ्रेंड नहीं , सो संभल के कमेंट करिएगा..

और अंत में ये कहीं भी कभी भी सु सु कर सकते है...और श्री मान एसबीआई लाइफ नमक धोबी के गधे है सो आगे आप समझ ही जाईयेगा..

कम लिखना अधिक समझना आपकी परंपरा रही है। बाकी गुण से मैं अभी तक अपरिचित हूँ सो आप लोग खोज ही लीजियेगा..

*(sbi life बीमा कंपनी में मैनेजर)

अरुण साथी का शोले वाली मैसी के सामने जय वाली स्टाइल में अपने मित्र का एक परिचय..अब आपकी बारी है..

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