10 जून 2010

नरेगा- लाखों का घोटाला, मजदूरों में नहीं मिली कमाई का पैसा।

``दूध मुंहा बच्चबा के खेता में रखके मटिया काटो हलिय सर और तभीओं एक साल से पैसाबा नै मिल रहलै´´-सरबिला देवी जॉब कार्ड संख्या 1064, डाकघर पासबुक संख्या-50063320, राशि- 2000। `` सर पंजाब हरीयाणा जाते तो कुछ कमाई भी होती और परिवार भी चलता पर यहां तो कमाने के बाद भी मजदूरी मांगने के लिए डीम साहब से लेकर डीडी साहब तक गुहार लगा लिए कुछ नहीं मिला´´-अजूZन चौहान, जॉब कार्ड संख्या 1080, डाकघर पासबुक संख्या-50063329, राशि- 8000। ´´सरकार के काम काहे करबै सर, कमइला के  बाद भी मजदूरी नै मिलतै और भुखल रहे पड़तै तब की फायदा, ई नरेगा के पैसा मुखीया और ऑफिसर के पेट में ही जा है´´-जमीया देवी- जॉब कार्ड संख्या 973, डाकघर पासबुक संख्या-50063309, राशि- 10000 यह कुछ वानगी है बरबीघा प्रखण्ड कें जगदीशपुर पंचायत के फतेचक गांव में नरेगा की योजनाओं में मची लूट और बन्दरबांट की। इस गांव में सैकड़ों मजदूरों को उसकी कमाई गई मजदूरी का पैसा नहीं दिया जा रहा है और ग्रामीण बताते है कि रोजगार सेवक ने उनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर करा कर रूपया निकाल लिया और डीम से शिकायत करने पर डकैती में परिवार को फंसाने की धमकी भी दी जा रही है। इस गांव में विभिन्न मजदूरों का लगभग एक लाख की राशि डाकघर से निकाल कर इनको पैसा नहीं दिया गया। और जब जिलाधिकारी से इसकी शिकायत इन्होने की तो उलटे डकैती में फंसाने की धमकी मिल रही है। अनियमितता का आलम यह कि जॉब कार्ड पर एक दिन की मजदूरी नहीं भरा गया और पासबुक से हजारों की निकासी है। अनियमिता का आलम यह कि निकासी फॉर्म पर मजदूरों का अंगूठा भी नहीं लगा और हजारों निकल गए। मजदूरों की सूची लंबी है जिसमें से कई को पासबुक और जॉब कार्ड भी नहीं दिया गया। यहा महज एक पंचायत की बात नहीं है बल्कि कमोवेश सभी पंचायतों की स्थिति यही है।
गांवो के विकास को लेकर चलाए जा रहे इस योजना को राहुल गांधी विकास का प्रर्याय मानते है पर किसका विकास हो रहा है समझा जा सकता है। नरेगा की योजनाओं पर हमेशा सवाल उठते रहे है और इस योजना में मची लूट में हिस्सेदारी को लेकर भी मारामारी होती रहती है पर कभी कोई बाड़ी कार्यवाई नहीं की जाती। हो भी कैसे नरेगा से जुड़े एक कर्मी की माने तो इस लूट में सभी का हिस्सा बराबर है।

1 टिप्पणी:

  1. अरुण साथी जी आपने बहुत ही गंभीर मुद्दा उठाया है ,ऐसे ही पोस्टों से ब्लॉग की सार्थकता है | आप मजदूरों से विस्तार से बातचीत कर और उनसे उनका हस्ताक्षर किया हुआ शिकायत और सबूत मावाधिकार आयोग के डायरेक्टर जेनरल जाँच को इस dg-nhrc@nic.in इ.मेल के पते पर इ.मेल कर दे ,लेकिन धयान रहे तथ्य जितना पुख्ता और प्रमाणिक होगा कार्यवाही उतना ही प्रभावी होगा | आपको अगर सामाजिक जाँच के लिए मेरी जरूरत हो तो मैं भी आपके गांव अपने खर्चे पे आने को तैयार हूँ आपके मदद के लिए | आप इस तरह की इंसानियत की दुखद अवस्था को जरूर उठाते रहें |

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