23 अप्रैल 2010

सामस का विष्णुधाम बनेगा पर्यटक स्थल, राज्य सरकार देगी विकास के लिए पच्चास लाख

विष्णु की भारत की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थल को पर्यटक क्षेत्र के रूप में विकसित किये जाने को लेकर पच्चास लाख़ की राशि राज्य सरकार के द्वारा दिया दिये जाने पहल की गई है। सरकार की इस पहल की वजह से भगवान के विष्णु की सबसे उंची प्रतिमा स्थल को पर्यटक केन्द्र के रूप में विकसित किए जाने का कार्य किया जा सकेगा। ज्ञातव्य हो कि शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखण्ड स्थित सामस गांव में 1992 में तलाब की खुदाई के क्रम में भगवान विष्णु की आदमकद प्रतिमा निकली थी। प्रतिमा की उंचाई सात फिट छ: इंच है जिसकी वजह से पूजी जाने वाली यह भारत की सबसे उंची भगवान विष्णु की प्रतिमा है। प्रतिमा को जानकारों ने पालकालिन बताया। यह प्रतिमा ग्रेनाईट के काले पत्थर से बनी हुई है। जानकार बातते है कि सामस गांव में राजा मान सिंह का कोई सम्बंध था और यहां किला भी था। मुगलों के आक्रमण कें बाद प्रतिमा को खण्डित कर दिया गया जिसकी वजह से सामस गांव में खण्डित प्रतिमा कई है जिसमें प्राचीन प्रतिमा बनाने की उत्कृष्ट कला की झलक मिलती है।
प्रतिमा को तल
बरबीघा स्थित
भब से निकाल गांव के लोगों ने तालाब के बीचों बीच ही स्थापित कर मन्दिर बनाने का कार्य शुरू कर दिया और धीरे धीरे मन्दिर को भव्य रूप देने का कार्य किया जाता रहा और फिर बाद में राजगीर प्रवास के क्रम में बिहार के मुख्यमन्त्री नीतीश कुमार ने सामस गांव आकर विष्णु की प्रतिमा स्थल का निरीक्षण किया और इसे पर्यटक क्षेत्र के रूप में विकासित किए जाने का आश्वासन दिया था जिसकें अनुरूप पच्चास लाख़ की राशि से इसके विकास का कार्य किया जाएगा। तलाब के बीच में मन्दिर होने की वजह से इसे जलमन्दिर के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। बाद में सामस गांव कें ही अरविन्द कुमार मानव के प्रयास से धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल यहां आए और प्रतिमा को देख कर इसके विकास के लिए प्रयास तेज कर दिया परिणामत: इस स्थल को पर्यटक क्षेत्र के रूप में विकासित किए जाने का काम अब हो सकेगा। इस संबध्ं ामें जानकारी देते हुए मन्दिर न्यास समिति के अध्यक्ष डा. के. एम. पी. सिंह ने बताया कि मन्दिर के निर्माण को लेकर प्रयास तेज किया जाएगा।


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