02 फ़रवरी 2014

उदास क्यूं हूं मैं..

जानकर भी
सुख/दुख
उदय/अस्त
जय/पराजय
मैं उदास हो जाता हूं..

पूछता हूं
खुद से ही
उदास क्यों हूं मैं?
देता हूं जबाब खुद को ही
आदमी हूं
देवता तो नहीं....

भक्त नाराज है..मन की बात कहिये नहीं, मन की बात सुनिए..

बीजेपी के विरोध में पोस्ट करते थे तो जो भक्त मित्र तर्क कुतर्क के साथ लड़ाई झगड़े पे आ जाते थे आज वे नाराज है। वे सवर्ण समाज के मित्र है। चाय ...