26 फ़रवरी 2014

माँ बनना ,,,


माँ  बनना 
जिंदगी देकर 
जिंदगी देना है...

देह सुख से
देह के सृजन तक
पल पल
माँ बनने का सुख
लील लेती है
प्रसव की असाह्य वेदना..

और कभी कभी 
गर्भ नाल से रिस रिस कर
पला हुआ जीवन
लील लेता है 
एक माँ को भी....

प्रसव के दौरान एक मां की दुखद मृत्यु  के बाद उपजी पीड़ा को शब्दों में बांधा है। चिकित्सक की लापरवाही अस्पताल में एक साल पुर्व ही विवाह बंधन में बंधी पिंकी की मौत हो गई। उसकी उम्र अभी मात्र 22 साल हुई थी। कुछ धंटे की ही उसकी बेटी के सर से मां का साया उठ गया। वहीं शव से लिपट कर पिंकी की मां रो रही है तब भला भावनाओं को मैं भी नहीं रोक सका और शब्दों को बांध दिया है...