08 फ़रवरी 2014

सच्चा धर्म



झूमना, नाचना, गाना, उन्मुक्त हो जाना यही सच्चा धर्म है। आज यह नजारा मेरे यहां तेउस गांव के साई महोत्सव में देखने को मिली। शोभा यात्रा में महिलाऐं उन्मुक्त होकर झूम रही थी जैसे सबकुछ त्याग दिया हो....साई के लिए.. ओम साईं..




रंडीबाज

रंडीबाज (लघुकथा, एक कल्पकनिक कथा। इस कहानी से किसी व्यक्ति या संस्था को कोई संबंध नहीं है) चैत के महीने में अमूमन बहुत अधिक गर्मी नहीं होत...