31 दिसंबर 2010

कांग्रेसी सरकार (क्षणिकाऐं)

क्षणिकाऐं

1
डी राजा

मनमोहन, सोनीया औ करूणा की निधी है राजा?
गैर सरकारी खजाने को भरने की विधी है राजा?

2
प्रणव मुखर्जी

मैडम जी
विपक्ष से संसद नहीं चलने पर माफी मंगवाना है

क्योंकि
मैडम

उल्टे चोर के कोतवाल को डांटने का जमाना है!

3
कांग्रेसी सरकार

आर्दश, स्पेक्टरम और कॉमनबेल्थ
घोटालों की बैंड बजाएगें,

आतंकवाद को धर्म की चासनी में डुबो
चाव से चवाएगें।

ज्यादा चूं चपड़ किया तो
तुमको भी इसमें फंसाएगे।

30 दिसंबर 2010

शेखपुरा.... चोरी का नायब तरीका पहले दोस्ती फिर अपने को अधिकारी बना अपनी गाड़ी में बैठा का लूटते है। अर्न्तराज्यीय गिरोह का तीन शातीर घराया। नशाखुरानी पर कसे सिंकजे पर शातीर ने अपना नायब तरीका अल्टो गाड़ी से देते है लूट को अंजाम।

इस चेहरे को ध्यान से पहचान लिजिए। गौर से देखिए। जेनटल मैन दिखने वाले ये लोग शातीर चोर है और कहीं भी  आपसे दोस्ती गांठ कर आपको लूट सकते है।

सावधान हो जाइए

बैंक अधिकारी बन  आपको घर तक अल्टो से छोड़ने का का झांसा देकर बनाता है लूट का शिकार।

जी हां जिले में लूट का शिकार बनाने का एक नया तरीका सामने आया है। ऐस तरीका जिसमें पहले रेलयात्री बन रणजीत कुमार पहले लक्खीसराय निवासी इंद्रदेव  तांती से दोस्ती की फिर उसे बताया कि शेखपुरा की सभी सड़क का जाम कर दिया गया है और इसका कारण बताया की कुख्यात शातीर अपराधी अशोक महतो के द्वारा पुलिस जीप को फुंक दिया गया है जिससे ऐसा हुआ है। फिर जब इंद्रदेव घर की समस्या बताता है तो रणजीत कहता है  िकवह एक बैंक अधिकारी है और वह भी उसी तरफ जा रहा है जिधर उसका घर है और उसको लेने के लिए उसके दोस्त अल्टो गाड़ी से आये हुए है। फिर क्या था उजैन से कमाई कर लौट रहे इंद्रदेव उसके साथ अल्टो गाड़ी पर सवार हो गया। फिर रणजीत उससे कहता है कि उसके बैग में पैंतिस हजार रूप्या हे और उसे वह बैंक में ही जमा कराने जा रहा है और इसके बाद इंद्रदेव ने भी बता दिया कि उसके सुटकेस में 9000 रू. है और फिर थोड़ी देर में अल्टो गाड़ी को रोका गया और इंद्रदेव को थोड़ी देर के लिए उतर जाने के लिए कहा गया और साथ ही उसे अपना बैग जिसमें 35000 रू. रखा था उसे रखने के लिए दिया और उसकी अटैची गाड़ी में रखा और फिर गाड़ी बढ़ा दी।

और फिर जब इंद्रदेव में बैग खोल कर देखा तो उसमें बेकार कपड़े थे। फिर उसे लूट जाने का एहसास हुआ तथा फिर चिल्लाना शुरू किया और इसी क्रम में स्थानीय लोगों की पहल पर रास्ते में पड़ने वाली सिरारी ओपी पुलिस को इसकी सूचना दी और रास्ते में चोर गिरोह को पकड़ा गया।

मामले में बक्तीयारपुर निवासी रणजीत कुमार, तथा वहीं का कपील पासवान एवं बाढ़ निवासी चालक रवि पासवान को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार चोरों ने इस तरह के नायाब चोरी की बात स्वीकार की तथा कहा कि वह घूम घूम कर इसी तरह से लोगों को दोस्ती कर फंसाता है और उसे लूटता है। वे लोग बिहार के कई जिलों से लेकर उत्तर प्रदेष के कई रेलवे स्टेशन पर इस घटना को अंजाम देता है। यह लोग ऋसीकेष में भी एक बार इस तरह के मामले में पकड़ा जा चुका है और जमानत पर छूट कर फिर दूसरी जगह इस तरह का काम करता है। 

ये लोग इतने शातीर है कि एक जगह एक से दो बार ही इस तरह की घटना को अंजाम देते है।

शानदार अल्टो गाड़ी से लूट को अंजाम देने वालों ने बताया कि पहले नशाखुरानी का काम करते थे पर आब उसमें कड़ाई हो गई है तो इस तरह की नायाब चोरी करता है।

चिकित्सा जगत के लिये अजुबा बना है। युवक के ऑखों से निकल रहा है कीड़ा। रिसर्च के लिये वीरायतन एवं पटना आर्युविज्ञान संस्थान भेजा गया।

शेखपुरा जिले के करिहो गॉव निवासी 28 वर्षीय युवक नंदेलाल यादव के ऑखों की बॉये पुतली से लगातार कीड़ा निकल रहा है। जिससे ऑखों के चिकित्सक इस अजीबो-गरीब घटना से भी आश्चर्य चकित है। यह वाक्या शहर के जमालपुर रोड स्थित जीवन-ज्योति ऑख अस्पताल में इलाज के  भर्ती हुए मरीज नंदेलाल के साथ घटित हुआ है। जिससे इलाज के लिए भरती हुआ मरीज सहमें है। पिछले 12 घंटों के दरम्यान जीवन ज्योति ऑख अस्पताल के आई स्पेस्लिस्ट डा0 राकेश रंजन अब तक 40 कीड़े निकाल  चुके है। इस बाबत ऑख अस्पताल में ईलाज करा रहे युवक ने बताया कि वह मजदूरी कर अपनी पत्नी और बच्चों का पेट पाल रहा है। पिछले छहमाह से बॉये ऑख में खुजली होती थी। तब ऑखों को हाथ से ही रगड़कर ठीक कर लेता था। बीच में जब कभी खुजलाहट होती थी तो दवा दूकानदार से पूछकर आई ड्राप ले लेता था।

    मंगलवार की संध्या जब ऑखों की जलन बढ़ी तो अस्पताल में आये। अलग-अलग जॉच के बाद उसके ऑख में बड़ी तादाद में कीड़ा पाया गया। नंदेलाला ने बताया कि अब तक डाक्टर द्वारा उसके ऑख से 40 जीवित कीड़ा निकाला जा चुका है। अब डाक्टर साहब द्वारा बेहतर ईलाज के लिए विरायतन भेजा जा रहा है। इस बाबत नंदेलाल की ऑख की इलाज कर रहे डा0 राकेश रंजन सने बताया कि नंदेलाल द्वारा गंदे पदार्थ का भोजन करने के कारण उसके शरीर में कीड़ा फैल कर खुन के जरिये ऑखों के स्लेक्टा में जमा हो गया है। उसकी ऑखों से निकल रहे कीड़े शौच के साथ निकलने वाला उजला कीड़ा है। लेकिन नंदेलाल के ऑखों तक पहुॅचना अजीबोगरीब वाक्या है। इसके रिसर्च के लिए वीरायतन या पटना आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा सजा रहा है। डा0 राकेश रंजन ने बताया कि नंदेलाल को फिलहाल बीटाडीन आई ड्राप, मैक्सी टेबलेट एवं प्रोक्साडीन दवा दिया गया है। जिससे निकल रहा कीड़ा मरा हुआ निकल रहा है।  

27 दिसंबर 2010

वृद्धापेंशन की राशि निकासने गये वृद्ध हो रहे ठगी का शिकार...... 10 रू. में बिक रहा निकासी फॉर्म

बरबीघा पोस्ट ऑफिस में असहायों को मिलने वाली सरकारी सहायता राशि को भी लूटने में कई लोग लग जाते है और इसमें पोस्ट मास्टर का भी सहयोग होता है। बड़े ही शातिराना तरीके पोस्ट आफिस के द्वारा इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है। बृद्धापेंशन की राशि निकालने जब बृद्ध लोग आते है तो उन्हें निकासी फॉर्म नहीं दिया जाता है और निकासी फॉर्म पोस्ट आफिस के बगल में ही एक पान दुकान में बिकता है। निकासी फॉर्म के बदले पान दुकानदार सभी बृद्ध लोगों से प्रति पास बुक बीस से दस रू. बसूलता है। लाचर और बेबस लोगों की मदद करने तो कोई आगे नहीं आता है पर उसके पैसे को ऐंठने का तरह तरह का तरीका निकाल लिया जाता है। इतना ही नहीं पोस्ट ऑफिस का पास बुक भर कर पान दुकान में ही जमा हो जाता है और दो दिन बाद पैसा लेने के लिए आने की बात कही जाती है। पान दुकानदार ही नहीं कई अन्य लोग भी कैंप्स के अंदर दस दस रू. बसूल कर लाचार बुढ़े लोगों से निकासी फार्म के नाम पर उगाही करते है।


इस संबंध में नाराणपुर निवासी श्रीदेवी नामक बृद्धा महिला इस 10 रू. के लिए बेचारगी दर्शाते हुए कहती है कि वह कर्जा ला कर 20 रू. दिया है। भला सोचिए सरकार ने जिस बेबसी को ध्यान में रख कर बुजूर्गो को मदद के लिए 200 प्रति माह की राशि वृद्धापेंशन के रूप में दी है उसमें भी बसूली मानवीय संवेदना को झकझोरने वाला कदम है कि नहीं।

हलांकि इस संबंध में पोस्ट मास्टर श्रवण सिंह ने कहा कि उनको इसकी जानकारी नहीं है और ऐसा किया जा रहा है तो इसपर कार्यवाई होगी। इसी संबंध में जब जिला डाक निरीक्षक सें संपर्क किया गया तो उन्होने जांच कर इसपर कार्यवाई की बात कही।

25 दिसंबर 2010

विनायक सेन को समर्पित मेरी कविता (राजद्रोह)











राजद्रोह है 
हक की बात करना।


राजद्रोह है
गरीबों की आवाज बनाना।


खामोश रहो अब
चुपचाप
जब कोई मर जाय भूख से 
या पुलिस की गोली से
खामोश रहो।


अब दूर किसी झोपड़ी में
किसी के रोने की आवाज मत सूनना
चुप रहो अब।


बर्दास्त नहीं होता
तो
मार दो जमीर को
कानों में डाल लो पिघला कर शीशा।


मत बोलो 
राजा ने कैसे करोड़ों मुंह का निवाला कैसे छीना,
क्या किया कलमाड़ी ने।


मत बोला, 
कैसे भूख से मरता है आदमी
और कैसे
गोदामों में सड़ती है अनाज।


मत बोलो,
अफजल और कसाब के बारे में।
और यह भी की 
किसने मारा आजाद को।


वरना


विनायक सेन
और 
सान्याल की तरह
तुम भी साबित हो जाओगे 
राजद्रोही


राजद्रोही।




पर एक बात है।
अब हम
आन शान सू 
और लूयी जियाबाओ 
को लेकर दूसरों की तरफ
उंगली नहीं उठा सकेगें।

22 दिसंबर 2010

शाकाहारी गिद्ध

आज कल घरती पर उड़ने वाले गिद्ध
हर जगह रहते है।
आज ही तो
आइसक्रीम बेच रहे नन्हें चुहवा पर
चलाया था ``चंगुरा´´
गाल पर पंजे का निशान उग आये
कांंग्रेस पार्टी की सेम्बुल की तरह
बक्क!
आंखों में भर आया
``लाल लहू´´,
पर,
निरर्थक,
वाम आन्दोलनों की तरह।

कल ही रेलगाड़ी में भुंजा बेच रहे मल्हूआ पर
खाकी गिद्ध ने मारा झपट्टा,
बचने के प्रयास में आ गया वह पहिये के नीचे,
सैकड़ों हिस्सों में बंट गया मल्हूआ,
शाकाहारी गिद्धों के हिस्से आया एक एक टुकड़ा।

अब तो हर जगह दिखाई देते है गिद्ध,
कहीं भगवा,
तो
कहीं जेहादी बन कर
टांग देते है अपनी कथित धर्म की धोती खोलकर
अपने ही बहन-बेटी के माथे पर
और फिर नोच लेते है उसकी देह
भूखे गिद्धों की तरह।

गांव से लेकर शहर तक पाये जाते है
शाकाहारी गिद्ध...।