12 जुलाई 2010

शर्म उनको मगर नहीं आती... आनन्द प्रधान के कटघरे में मिडिया......

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जो लोग अपने मां—बाप को प्रेम दे पाते हैं, उन्हें ही मैं मनुष्य कहता हूं..

ओशो को पढ़िए आपने कल माता और पिता के बारे में जो भी कहा , वह बहुत प्रिय था। माता—पिता बच्चों को प्रेम देते हैं, लेकिन बच्चे माता—पिता को प्र...