27 जुलाई 2010

पत्रकार के साथ बदसलूकी करने वाला थानाध्यक्ष निलंबित। आठ धंटो तक पत्रकार ने किया अनशन

शेखपुरा जिले में लोकतन्त्र को शर्मशार करने बाली घटना तब घटी जब थानाध्यक्ष के निर्देश पर पुलिस मिडिया कर्मी के साथ मारपीट की और समाचार संकलन से रोकते हुए कालर पकड़ कर थाना से बाहर धकेल दिया। इस धटना के बाद आक्रोशित पत्रकार थाना गेट पर ही श्रमजीव पत्रकार युनियन के नेतृत्व में आमरण अनसर पर बैठ गए तथा थानाध्यक्ष असुतोश चन्द ज्ञानी को मुअत्तल करने की मांग करने लगे। मामले की गम्भीरता को देखते हुए आरक्षी अधीक्षक कुंवर सिंह भी थाना में आ कर जम गए और मिडियाकर्मी को समझाने बुझाने की कोशिश करने लगे पर मिडियाकर्मी थानाध्यक्ष को मुअत्तल नहीं किए जाने तक अनसन नहीं खत्म करने पर अड़े रहे अन्त: आरक्षी अधीक्षक ने थानाध्यक्ष को शाम में सस्पेण्ड करने की धोषणा की जिसके बाद पत्रकारों को अनशन खत्म हुआ। घटना जहां ईटीवी कें रिर्पोटर अजीत कुमार, प्रभात कें व्युरो प्रभारी रंजीत कुमार, हिन्दुस्तान के रिर्पोटर विनायक मिश्र एवं प्रभात खबर के संजय गुप्ता कें साथ घटी वहीं अनशन पर बैठने वालों में बरिष्ठ पत्रकार एवं श्रमजीवी पत्रकार के संरक्षक दामोदर वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार बासुदेव वरणवाल, नित्यानन्द गुप्ता, रामजनम सिंह, मनोज कुमार, संजय गुप्ता, दीपक कुमार, सतीश कुमार, सुबोध कुमार, सुखेन्दु कुमार, निरंजन कुमर, मनोज कुमार मन्नू, अरूण साथी  सहित अन्य लोग सामिल थे। पत्रकारों के साथ हुए इस दुव्र्यव्यहार की निन्दा स्थानीय सांसद भोला सिंह, विधायक आर. आर. कनौजीया की वहीं जदयू नेता शिवकुमार, कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अजय कुमार ने भी पत्रकार के साथ धरने पर बैठकर उनके आन्दोलन का समर्थन किया।

1 टिप्पणी:

  1. सही आन्दोलन और सार्थक अंजाम,सारथि जी आप वैशाली जिले में घटे इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना की सामाजिक जाँच कर असल सच्चाई को ब्लॉग पर प्रकाशित करें ,इस घटना में JDU के एक नेता जिसकी पत्नी मुखिया है ने एक बच्चे को उस तरह बाँधकर पीटा जैसे मरे हुए तेंदुए को कोई बाँधकर ले जाता है | इस घटना के मिडिया में खबर बनने के बाद शंभू राय ने पुलिस के सामने सरेंडर कर उस लड़के पर ही किसी लड़की को छेरने का इल्जाम लगा दिया है ,जबकि मामला उस लड़के के पिता द्वारा इंदिरा आवाश ऋण दिलाने के लिए रिश्वत के रूप में मुखिया को दिए दस हजार वापिस मांगने का था | इसकी सच्चाई सिर्फ और सिर्फ ईमानदारी से सामाजिक जाँच से ही उजागर हो सकती है | आप इसकी जाँच कर इंसानियत पर बहुत एहसान करेंगे |

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