28 जुलाई 2010

स्वर्ण व्यापारी की मौत कें बाद गुस्साए लोगों ने किया थाने पर पथराव, आगजनी, पुलिस मोटरसाईकिल को जलाया

स्वर्ण व्यावसाई भाईयों को बिगत सात जुलाई को लूट काण्ड कें बाद गोली मारने की घटना के बाद गम्भीर रूप से जख्मी सुनील कुमार कें निधन से गुस्साए लोगों ने थाने पर हमला कर दिया, रोडे बाजी की एवं थाना कें अन्दर आगजनी करते हुए पुलिस की मोटरसाईकिल को आग लगा दी। व्यावसाई इतने गुस्से में थे कि थाना को चार पांच घंटे तक अपने कब्जे में ले लिया एवं थाना कें टेबुल को पटक दिया टेलिफोन तोड़ दिया एवं पुलिस पदाधिकारी को भी खदेड़ दिया। सर्राफा संध की ओर प्रदशZन कर रहे व्यापारियों ने थाना पर जम कर पत्थराब किया तथा अपराधी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। उग्र पदशZन कर रहे व्यापारी पुलिस पर अपराधी से सांठ गांठ कर पैसा लेकर उसे गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगा रहे थे। व्यापारियों कें गुस्से की वजह से सभी पुलिस के जबान एवं पदाधिकारी थाने में दुबके रहे तथा आरक्षी अधीक्षक कुंवर सिंह के आने बाद उन्हें भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। लोग मुख्य रूप से अपराधी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहें है।
आरक्षी अधिक्षक ने लोगों को समझाने बुझाने के बाद पन्द्रह दिन के अन्दर अपराधियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया तथा कहा कि स्पीड ट्रयल कर अपराधियों को तुरन्त सजा दिलाई जाएगी।

कविवर को नमन

किसान (कविता) / मैथिलीशरण गुप्त हेमन्त में बहुदा घनों से पूर्ण रहता व्योम है पावस निशाओं में तथा हँसता शरद का सोम है हो जाये अच्छी भी फसल...