25 जुलाई 2010

ग्रामीण पर्यटन का आनन्द ले रहे है स्पेन के पर्यटक।

भारत में महिलाओं की स्थित बहुत बुरी है और पुरूष और महिलाओं में काफी असमानता है। उक्त बातें स्पेन से भारत भ्रमण के लिए आई पर्यटकों ने कही।  स्पेन से भारत भ्रमण के लिए आठ सदस्यीय टीम पोझ गांव आई हुई जहां इनके द्वारा ग्रामीण भारत के रहन सहन और संस्कृति का अध्ययन किया जा रहा है। ग्रामीण भारत के अनुभवों की चर्चा करते हुए स्पेन के बैंक अधिकारी फेसर ने कहा कि गांव कें लोगों का आतिथ्य बहुत अच्छा लगता है और यही भारत की जान है। आरकोलोजी की छात्रा रोजर ने महिलाअों की स्थित पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यहां महिलाअों को दोयम दजोZ का स्थान मिला हुआ है और पुरूष प्रधानता है पर स्पेन में महिला पुरूष एक समान है। पर्यटन के साथ साथ भारत की संस्कृति एवं ग्रामीण पर्यटन का आनन्द लेने के लिए भारत आने वालों में टारागोना शहर के ही मार्क और जॉल फेसर के पुत्र है और अभी उच्च विद्यालय में अध्ययन कर रहें है। साथ ही शिक्षका मोंटसे, इसाबेल, जेसिका और जाबेर है। इन लोगों ने बताया कि भारत कें गांवों का जीवन स्तर बहुत ही शान्त और सौम्य है तथा मॉल और नेट की जीवन से दूर भागमभाग नहीं है। हलांकि फेशर ने इस बात पर दुखी भी दिखे कि हम भारत के गांव को देखने आए है पर यहां सभी हमें धेर लेते है जिससे हम लोग असहज होतें है। गांव में यातायात की सुविधा नहीं होने पर भी विदेशी पर्यटक दुखी दिखे तथा कहा कि गांवों में विकास की जरूरत अधिक है।

2 टिप्‍पणियां:

  1. चलो अच्छा है कि कोई गांव जाकर सच्चाई जानने की कोशिश कर रहा है. सुनी सुनाई बातों से दूर.

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  2. स्पेन सी स्त्री-पुरुष समानता भारत में सिर्फ कल्पना है अभी। वह लक्ष्य बहुत दूर है।

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