27 अगस्त 2010

डायन बता कर 70 साल की विधवा को सलाखों से दागा, तड़ीपार करने का पंचायत का फैसला।

अंधविश्वास आज भी गांव कें लोगों को अपने चंगुल में ले रखा है और इसकी भयावहता महिलाओं को प्रताड़ित कर सामने आती है। ऐसा ही एक मामला जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के टाण्डापर गांव में सामने आया जहां महज एक भैंस के दूध नहीं लगने के आरोप में डायन बता कर 70 साल की विधवा महिला कपिला देवी को धर से खींच कर लाया गया और लोहे के सालाखों को गर्म कर उसे दागा गया। बेहरहम लोगों ने महिला का हाथ, पांव और पेट दाग दिया और उसे ज़िन्दा जलाने की धमकी भी दी। महिला के साथ इतनी बेरहमी की गई है की मारपीट में महिला कां दान्त टूट गया और वे सहमी हुई रह रही है। इतना ही नहीं गांव के तुगलकी पंचायत ने सामुहिक रूप से आवेदन लिख कर थानेदार को दिया जिसमें साफ साफ लिखा है कि महिला डायन है और इसे गांव में रहने नहीं दिया जाएगा। बेरहम लोगों ने न सिर्फ महिला के साथ मारपीट की बल्कि उसकी बेटी, बहू एवं दामाद महेन्द्र चौहान के साथ भी मारपीट की गई। गांव के लोग एक जुट होेकर महिला को तड़ीपार करने की योजना बना रहें है। गांव कें लोगों के द्वारा महिला को डायन बताने की खबर पर जब महेन्द्र चौहान इसकी सूचना स्थानीय थाना को दी तब भी थानेदार की संवेदना नहीं जगी और सूचना के बाद महिला को घर से पकड़ कर सलाखों से दाग दिया गया। मामले में पुलिस को भी आदमी पिड़िता की सहायता कें लिए नहीं गया है और पुलिस कें आलाधिकारी चुनावी बैठक में मशगुल रहे। 

मोनू खान

मोनू खान। फुटपाथ पर बुक स्टॉल चलाते वक्त मित्रता हुई और कई सालों तक घंटों साथ रहा। मोनू खान, ईश्वर ने उसे असीम दुख दिया था। वह दिव्यांग था। ...