16 अगस्त 2010

कर्नाटक में बंधक बनाए गए मजदूरों को छुड़ाने की अपील की।

कार्नाटक के धाड़बाड जिले में गुजरात  की कंपनी एन आर ई के लिमिटेड में कार्यरत 7 मजदूरों को झूइे मुकदमें में फंसाकर जेल भेजे जाने  पर यहां पीडित मजदूरों के परिजनों ने सोमवार को समाहराालय पहूंच कर डीए से छड़बाने की गूहार लगायी। पीड़ित परिवार के लोगों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर कहा कि अपनी मजदूरी मांगने पर उन लोगों झूटे मुकदमों फंसा कर जेल भेज दिया गया और किसी तरह से बचे हुए मजदूर अपने परिजनों को इसकी सूचना दे रहें है। गुहार करने आई महिलाओं ने रोते हुए बताया कि उनके परिजनो के साथ मार पीट भी की जा रही है तथा कभी बंधक बना कर कई दिनों तक गुप्त स्थान पर रखा जाता है। झूठे मुकदमें में फसाने की बात तब सामने आई जब मार्च माह में कंपनी के साथ हुए एग्रीमेंट के बाद मजदूर अपना हक मांगने गए तथा एकाएकी मजदूरों पर मुकदमा किया जा रहा है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। जेल जाने वालों में भूपेन्द्र राम मुरारपुर, दीलीप राम सहरा, कपिल राम बेलौनी, अशोक राम इसुआ, रामाश्रय राम पुरैना, इन्द्रदेव राम सरौरा तथा रामबालक राम मिसिंया का नाम सामिल है।  इस संबध्ंा में जिलाधिकारी ने बताया कि मजदूरों को सुविधाजनक तरीके से बिहार लाने की पहल की जा रही है और मामले मे सरकार की ओर से कोशिश हो रही है।

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर अरुण साथी ताजिया को अपने कंधे पर उठाए मेरे ग्रामीण युवक बबलू मांझी रात भर जागकर नगर में घूमता रहा। ...