17 अगस्त 2010

.सूखे के गम को भुलाने का गालीब ख्याल अच्छा है.

सुखाड है तो क्या हुआ... शराब है ना. झमाझम बारिस में जहां किसान खेतों में देने उर्वरक ले जाते... वहीं सूखे ने इसपर पानी फ़ेर दिया है... पर हाय रे नीतीश कुमार की सरकार .....उर्वरक की जगह बरसात में बोरे में भर कर शराब जा रही...........सूखे के गम को भुलाने का गालीब ख्याल अच्छा है. के गम को भुलाने का गालीब ख्याल अच्छा है.................जय हो..... सुशासन की........

एचएम और शिक्षक सरकारी स्कूल में पी रहे थे ताड़ी, शिक्षक ने मिलाया जहर

सरकारी स्कूल में नशीला पदार्थ आया ताड़ी, शिक्षक ने मिलाया जहर शेखपुरा बिहार में शिक्षा व्यवस्था का हाल बदहाल है। सरकारी स्कूल में प्रधानाध्...