02 अप्रैल 2015

यज्ञ का आयोजन या अधर्म...

बरबीघा, बिहार
मेरे यहां यह मौसम यज्ञ का मौसम है। दर्जनों गांव में महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जिसमें करोड़ों रूपये खर्च होने है। इस तरह का आयोजन आज कोई धार्मिक कार्य नहीं रह कर एक आधार्मिक काम बन गया है।
वानगी देखिए, शेखपुरा जिले के चेवाड़ा थाना पर ग्रामीणों ने हमला कर थानाध्यक्ष सहित पुलिसवालों को इसलिए पीट दिया कि थानाध्यक्ष ने व्यापारियों और वाहन चालकों से मारपीट कर यज्ञ के नाम पे चंदा बसूली करने से लोगों को मना किया।
दूसरी वानगी यह कि बरबीघा में होने वाले महायज्ञ में एक बच्चे को जहां यज्ञ होना था उसी मंदिर के खंभे से बांध कर इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि कथित तौर पर वह लोगों से इसी यज्ञ के नाम पर नकली रसीद छपा कर चंदा उगाही कर ठगी कर रहा था।
धर्म के ममज्र्ञ मुझे समझाने का कष्ट करें की यह

कौन सा और कैसा धर्म है?

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मोनू खान। फुटपाथ पर बुक स्टॉल चलाते वक्त मित्रता हुई और कई सालों तक घंटों साथ रहा। मोनू खान, ईश्वर ने उसे असीम दुख दिया था। वह दिव्यांग था। ...