27 जनवरी 2016

सड़क बुहारती भंगी स्त्री

सड़क बुहारती
भंगी स्त्री
बहुत अच्छी लगती है

उसकी ललाट पे सजी
बड़ी-बड़ी चमकीली बिंदी

उसके कानों में झूलते
बड़े-बड़े स्वर्ण झुमके

गलों में इठलाता
स्वर्ण माला
कमर पे करघनी

चमेली की तेल से चुपड़े
गुच्छेदार गुन्धें
फुदने लगे बाल

बड़े-बड़े छापे वाले
फूलदार साड़ी
उससे मैच करती
चोली कट ब्लाउज

बहुत अच्छी लगती है
उसकी अधरों पे
सदा-सर्वदा
बसती मुस्कान
उसकी शक्ति स्वरुपा
भुजाएं
हृष्ट-पुष्ट कमर
सुधड़-सुडौल बक्ष

और
सबसे अच्छी लगती है
उसका स्वाबलंबन ..



कविवर को नमन

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