30 जनवरी 2016

गोडसे का रक्तबीज

गोडसे रक्तबीज
***
जरुरी नहीं कि
भगवान सबको
सम्मति ही दें!

जरुरी नहीं
सबकी
विचारधारा
धार्मिकता
जातियता
सामान हो..

वैचारिक विभेद
प्रजातंत्र है
मानवीय है...

अमानवीय है
मतभेदों को
मारने की मंशा रखना 
या कि
मार ही देना..

गोडसे का रक्तबीज
कहीं मुझमें भी तो नहीं..
खोजो, पकड़ो, सोंचो..

(कोर्ट में हँसते गोडसे की तस्वीर देखकर)

2 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, " अविभाजित भारत की प्रसिद्ध चित्रकार - अमृता शेरगिल - ब्लॉग बुलेटिन " , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (31-01-2016) को "माँ का हृदय उदार" (चर्चा अंक-2238) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    उत्तर देंहटाएं

गोदी मीडिया के सहारे चौथे खंभे पे प्रहार..

गोदी मीडिया!! मीडिया के मनोबल तोड़ने की एक जबरदस्त साजिश आजकल भारत के चौथे खंभे पर प्रहार की जबरदस्त साजिश चल रही है। अभी ममता बनर्जी ने भी...