01 जनवरी 2014

गावं जवार से ....किसान गीत के साथ, साथी की ओर से...नववर्ष मंगलमय हो..


पेट भरू सबका, खुद भूखा सोउ
मन ही मन घुट-घुट मैं रोउ
******************
कभी मेरे लिए भी सूरज निकले
मेरे खेतों में भी सोना उपजे
*******************
कभी कहो खेत, किसान,
मजदूर की जय हो
************
कभी एक मुट्ठी खुशी
अपने लिए भी तय हो
***************
तब मैं भी कहूं सबको
नववर्ष मंगलमय हो
नववर्ष मंगलमय हो...



रामखेलावन चच्चा का वायरल टेस्ट

(व्यंग्य:अरुण साथी) चच्चा रामखेलावन परेशान होकर पूछने लगे। "आंय हो मर्दे ई वायरल की होबो हई!आझकल बुतरू सब बरोबर बोलो है!" रामख...