04 जनवरी 2014

अर्धांगिनी

यूं ही
वजह/वेवजह
बात/वेबात
प्यार/तकरार
क्षणे रूष्टा
क्षणे तुष्टा
क्या है यह?
प्रेम/घृणा
संबंध/अनुबंध
या कि यही है
जीवन......


वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर अरुण साथी ताजिया को अपने कंधे पर उठाए मेरे ग्रामीण युवक बबलू मांझी रात भर जागकर नगर में घूमता रहा। ...