04 जनवरी 2014

अर्धांगिनी

यूं ही
वजह/वेवजह
बात/वेबात
प्यार/तकरार
क्षणे रूष्टा
क्षणे तुष्टा
क्या है यह?
प्रेम/घृणा
संबंध/अनुबंध
या कि यही है
जीवन......


हिंसात्मक होते समाज का सच और आंखों देखा हाल..

अरुण साथी सड़क हादसे में मौत के बाद जो मंजर आजकल विभिन्न जगहों पे देखने को मिलती है वह बहुत ही डरावना और भयावह है। किशोर और युवा इसमें बहुसं...