26 जनवरी 2014

अपने ही देश में तिरंगा पराया हो जाएगा...

किसने सोंचा था!
‘‘केसरिया’’
आतंक के नाम से जाना जाएगा..

‘‘सादा’’
की सच्चाई गांधी जी के साथ जाएगा..

‘‘हरियाली’’
के देश में किसान भूख से मर जाएगा...

किसने सोंचा था!
लोकतंत्र में
गांधीजी की राह चलने वाला मारा जाएगा..
आज भी भगत सिंह फाँसी के फंदे पर चढ़़ जाएगा..

किसने सोंचा था!
भाई भाई का रक्त बहायेगा..
देश के सियाशत दां आतंकियों के साथ जाएगा..

अपने ही देश में तिरंगा पराया हो जाएगा..
अपने ही देश में तिरंगा पराया हो जाएगा..


मौत से लड़कर रोहित का चला जाना गम दे गया...

मौत से लड़कर रोहित का चला जाना.. गम दे गया.. (अरुण साथी) मुझे ऑक्सीजन की जरूरत है, कहाँ मिलेगा.…..तकलीफ हो रही है...रोहित का कॉल। एक लड़खड़ात...