29 जनवरी 2014

यक्ष प्रश्न...


















यक्ष की तरह
आकर खड़ा हो जाता हूँ मैं
खुद के ही सामने
पूछने लगता हूँ सवाल
उसी तरह
जैसे, लगा हो दांव पर
अपना ही जमीर...

और मैं ही हो जाता हूँ
निरूत्तर
निःशब्द
निविर्य
आदमी हूँ ?
जीता  हूँ जहां
उस धरा को

क्या देकर जाउंगा ?
क्या देकर जाउंगा ?

मोनू खान

मोनू खान। फुटपाथ पर बुक स्टॉल चलाते वक्त मित्रता हुई और कई सालों तक घंटों साथ रहा। मोनू खान, ईश्वर ने उसे असीम दुख दिया था। वह दिव्यांग था। ...