12 जनवरी 2014

या खुदा....



या खुदा, मुझको आतिशी-आरजू न दे।
मेरी रगो में मजहबी लहू न दे।।

तेरी पहलू में आदमी की जियारत हो।
या खुदा, इस कदर पैगम्बरी-जुस्तजू ने दे।।

या खुदा, तेरी लाशों पे बनाउं मंदिर-मस्जिद।
ऐसी दोजखे-तमन्ना से होने रूबरू ने दे।।

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