12 जनवरी 2014

या खुदा....



या खुदा, मुझको आतिशी-आरजू न दे।
मेरी रगो में मजहबी लहू न दे।।

तेरी पहलू में आदमी की जियारत हो।
या खुदा, इस कदर पैगम्बरी-जुस्तजू ने दे।।

या खुदा, तेरी लाशों पे बनाउं मंदिर-मस्जिद।
ऐसी दोजखे-तमन्ना से होने रूबरू ने दे।।

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर अरुण साथी ताजिया को अपने कंधे पर उठाए मेरे ग्रामीण युवक बबलू मांझी रात भर जागकर नगर में घूमता रहा। ...