02 जनवरी 2014

मन लागो मेरा यार फकीरी में।-OSHO

"मन लागो मेरा यार फकीरी में।"

"जो सुख पायो राम भजन, सो सुख नाहिं अमीरी में।।"

कबीर दास की इन पक्तियों को ओशो ने इस तरह से व्याख्या की है. जीसस ने कहा कि ‘पुअर इन द स्पिरिट’ भीतर जो दरिद्र है वहीं फकीर। ओशो कहते है जिसके भीतर कुछ भी दावा नहीं है। मेरे-तेरे का, जिसके भीतर न धन है, न पुण्य है, न प्रतिष्ठा है वही फकीर है। जो आदमी फकीर होने को राजी हो गया वही बादशाह हो जाता है। जिसके अंदर ध्यान है, प्रेम है वही बादशाह है।

देशद्रोही साबित करो गैंग माननीयों के पीछे

           चार माननीयों ने जब लोकतंत्र के लिए खतरे की बात कही तो स्वघोषित कट्टरपंथी और देशद्रोही साबित करो गैंग सक्रिय हो गई है। सोशल मीडि...