16 फ़रवरी 2010

सुशासन का खुल रहा पोल, 9 लाख की लूट पुलिस की निष्क्रीयता व्यावसाईयों से भयादोहन कर रूपया बसुलने का पुलिस पर आरोप

शेखपुरा के बरबीघा में दिनदहाड़े हथियार के बल एसबीआई बैंक परिसर से 9
लाख की लूट काण्ड में पुलिस ने अहम सुराग मिलने का दाबा किया है।
घटनास्थल पर लुटेरे की मोटरसाईकिल इस प्रकरण में अपराधियों तक पहूंचने का
मुख्य सुत्र बना और बरामद मोटरसाईकिल मालदह निवासी बबन सिंह के पुत्र
विकास कुमार का निकाल। पुलिस विकास कुमार को इस लूट काण्ड का मुख्य सरगना
मान रही है। पुलिस सुत्रों के अनुसार विकास कुमार के नाम से ही इस
मोटरसाईकिल का ऑनर बुक है तथा इस तथ्य के आधार पर और अन्य सुत्रों से
मिली जानकारी के आधार पर विकास कुमार ही इसका मुख्य सरगना है। हलांकि
सुत्रों के अनुसार इस मामले में विकास कुमार के साथ मेहूस, लोदीपुर तथा
भरदथी के अपराधी भी शामील है। मालदह गांव में पुलिस ने रात में ही
छापेमारी कर चुकी है पर विकास कुमार भागने में सफल रहा है। बताया जाता
है कि विकास कुमार गांव में अवैध शराब बेचने का धंधा करता है जिसको लेकर
ग्रामीणों के द्वारा काफी विरोध भी किया गया पर पुलिस के संरक्षण में
विकास कुमार सरेआम गांव में ही देशी-विदेशी शराब बेचने का धंधा करता है
तथा पुलिस से उसके सम्बंध जग जाहीर है।
उधर बरबीघा में हो रहे लगातार लूट और अपराध की अन्य धटनाओं के देखते हुए
यहां के व्यापारियों एवं अन्य लोगों में पुलिस को लेकर आक्रोश देखा जा
रहा है। लोग इस बात से ज्यादा दुखी नज़र आ रहे है कि लगातार हो रही चोरी
और लूट की धटना में पुलिस आज तक एक भी वास्तविक अपराधी को पकड़ने में सफल
नहीं रही है जबकि पुलिस के द्वारा निर्दोश को पकड़ कर नज़राना बसूला जा
रहा है और इतना ही नहीं ग्रामीणों के द्वारा पकड़ कर पुलिस के हवाले किए
जाने पर चोर को छोड़ दिया जा रहा है। व्यापारियों को पुलिस के द्वारा
पकड़ का भयादोहन किये जाने का मामला ही है कि फैजाबाद निवासी मो. महफुज
नामक किराना व्यापारी को रात में पुलिस यह कह कर जीप पर बैठा थाने ले
जाती है कि आपसे कुछ काम है और थाना जाने के बाद उसे झुठे चोरी के
मुकदमें में फंसाने की धमकी देकर भयादोहन किया जाता है और आधी रात को
10000 रू0 बसुल कर छोड़ दिया जाता है। पुलिस के द्वारा इस तरह नज़राना
बसुली का काम प्रतिदिन किया जाता है।
पुलिस की नाकामी का ही नामुना है कि पोस्ट आफिस के पास से सारे की एक
महिला से डेढ़ लाख ही लूट का आज तक उदभेदन नहीं किया गया है जबकि इस
मामले मे पुलिस के द्वारा निर्दोष दुकानदार लक्ष्मी कुमार एवं बब्लू
कुमार को पकड़ लिया गया जिसके विरोध में बरबीघा बाजार को बन्द कर
व्यापारियों ने हंगाम किया जिसके बाद उसे छोड़ गया। दुसरी बड़ी चोरी की
घटना 31 दिसम्बर की रात में पत्रकार सह अधिवक्ता रामजनम सिंह के घर हुई
जिसमें चोरों ने 7 लाख की संपत्ति चुरा ली पर इस मामले का भी आज तक
उदभेदन नहीं किया गया जबकि पुलिस ने इस मामले का उदभेदन कर लेने का दाबा
मिडिया में किया था। इस एक माह के बाद ही थाना परिसर से सटे बैंक परिसर
में हुए लूट की इस घटना में पुलिस को भी कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।
लोगों की माने तो थाना से सटे बैंक के पास हुए इस घटना में अपराधी का
नहीं पकड़ा जाना तथा विलंब से पुलिस का पहूंचना सवाल के धेरे में है।
बताया जाता है कि लूट के बाद एक अपराधी पैदल ही अंचल कार्यालय की ओर भागे
जबकि उसी तरफ सैप के जवानों का अवास भी है।
बरबीघा में बढ़ते अपराध को लेकर यहां के लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है
तथा यह कभी भी आन्दोलन का रूप ले सकता है। इसको लेकर जहां विपक्ष के लोग
सुशासन का सच बता रहे है तो सत्ता पक्ष के लोग सुशासन को बदनाम करने की
साजिश। बात चाहे जो हो पर यदि अपराध पर अंकुश नहीं लगा पर बरबीघावाशियों
का गुस्सा कभी भी फुट सकता है तथा युवा मोर्चा द्वारा इसकी तैयारी की जा
रही है।

सोशल मीडिया छोड़ो सुख से जियो, एक अनुभव

सोशल मीडिया छोड़ो, सुख से जियो, एक अनुभव अरुण साथी पिछले कुछ महीनों से फेसबुक एडिक्शन (सोशल मीडिया एडिक्शन) से उबरने के लिए संघर्ष करना पड़ा...