09 नवंबर 2010

शेखपुरा, -----------------------------मतदान को लेकर वोटरों में उत्सव का नजारा दिखा। घंटो धूप में खड़े रह कर महिलाओं ने लिया बढ़चढ़ कर हिस्सा।

मतदान को लेकर वोटरों में उत्सव का नजारा दिखा।
घंटो धूप में खड़े रह कर महिलाओं ने लिया बढ़चढ़ कर हिस्सा।
शेखपुरा, 


चुनाव आयोग की चौक चौबन्द सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिले के मतदाताओं ने शान्तिपूर्ण तरीके से अपने मत का प्रयोग किया। जिले के किसी भी कोने से छिटपूट शिकायतों को छोड़कर कहीं से अप्रिय घटना की शिकायत नहीं मिली है। दोनों विधान सभा शेखपुरा तथा बरबीघा के कुल चार सौ बारह केन्द्रों पर मतदाताओं ने सुबह सात बजे से लेकर शाम पॉच बजे तक बुथों पर मतदान किया। इस दौरान बरबीघा विधान सभा अन्तर्गत बुथ संख्या 12 के सरैया गॉव के सैकड़ों लोगों ने वोटर लिस्ट पर अंकित नाम को लाल स्याही से काट दिये जाने पर वोटरों को वोट से वंचित किये जाने पर मतदाताओं ने हंगामा मचाया। जिसे बाद में निर्वाची पदाधिकारी के निर्देश पर मतदाताओं वोट डालने देने का निर्देश दिये जाने पर मामला शान्त हुआ। वहीं शेखपुरा विधान सभा अन्तर्गत बुथ नंबर 214 पर डूप्लीकेट ईवीएम रखने की शिकायत जिला नियन्त्रण कक्ष में एक निर्दलीय प्रत्याशी के पोलिंग एजेंट द्वारा करायी गई थी। जिसे जॉचोपरान्त गलत पाया गया। जबकि बरबीघा के बुथ संख्या 153 बिहटा गॉव में ईवीएम मशीन के खराबी के कारण तकरीबन एक घंटे तक मतदान बाधित रहा जिसे बाद में पुन: ठीक कर लिया गया। शेखपुरा विधान सभा के मदारी गॉव के बुथ संख्या 79 पर निर्दलीय प्रत्याशी के सम्पर्क द्वारा एक दलीय प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करवाने का आरोप मतदान कर्मियों पर लगाया। वही शहर के बुथ संख्या 40 पर कई मतदाताओं के ईपीक मौजूद थे। लेकिन उनका नाम वोटर लिस्ट से गायब होने के कारण उन्हें बिना मतदान किये बिना वापस लौटना पड़ा। जबकि बरबीघा विधान सभा अन्तर्गत अरसिया चक गॉव के मतदाताओं ने बुथ दूरी होने के कारण मतदान का बहिष्कार किया। मतदान को लेकर प्रत्येक गॉव और शहर में उत्सव नजारा दिख रहा था। जिसमें महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिसा लिया और उनकी लम्बी कतार देखी गई। जो घंटो धूप में खड़ी हो कर मतदान करने को आतुर थी। वहीं चौक-चौबन्द सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बुथों पर केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के साथ होमगार्ड की तैनाती की गई थी। वहीं शहर के साथ-साथ सभी ग्रामीण बुथों पर अर्द्धसैनिक बल के जवान गश्त लगाते दिखें। जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया वोटरों की तादाद मतदान केन्द्र पर बढ़ती गई। 

जिला नियन्त्रण कक्ष में घनघनाती रही फोन की घंटियॉ।
शेखपुरा


जिले के शेखपुरा तथा बरबीघा विधान सभा क्षेत्र में शिकायतों को लेकर बनाया गया जिलों नियन्त्रण कक्ष में सुबह से लेकर देर शाम तक फोन की घंटियॉ घनघनाती रहे। जिनमें दर्ज कराये गये आधे से अधिक शिकायत की जॉच करने पर सत्यता से परे पाया गया।  शेखपुरा के बुथ नं0 30,62 एवं 66 पर पोलिंग पार्टी पर ही किसी विशेष प्रत्याशी को मदद करने की शिकायत दर्ज करायी गई। जबकि चकन्दरा से डूप्लीकेट ईवीएम से मतदान कराने की शिकायत दर्ज करायी गई। वही चांड़े गॉव में एक प्रत्याशी विशेष के समर्थकों के द्वारा मतदाताओं को वोट डालने से रोके जाने एवं बंधक बनाये जाने की शिकायत दर्ज करायी गई। 

बेखौफ होकर मतदाताओं ने डाले वोट, नहीं चली धमकी।
शेखपुरा


जिले के शेखपुरा विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत अरियरी प्रखण्ड के सुदूरवती पूर्व हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में मंगलवार को अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेखौफ होकर मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। पूर्व में कारगिल के नाम से चर्चित इस इलाके के कई गॉवों के मतदाताओं को इस चुनाव के पूर्व भी मोबाइल फोन पर अपराधियों द्वारा धमकी दिये जाने के बाद भी इस अलाके में बेफिक्र होकर पुरूष और महिला मतदाताओं ने भाग लिया। बुथों पर महिलाओं की लम्बी कतारें देखी गई। हिंसा प्रभावित पूर्व ससबहना, बरसा, सुमका, कसार, महुएत, करीमाबीघा, जंगलीबीघा, ऐफनी, मनीपुर, चोरवर, कम्बलबीघा, घुसकुरी, ईशापुर, धनकौल चॉदीबृन्दाबन आदि गॉव के मतदाताओं ने अपराधियों के धमकियों से भयमूक्त होकर शान्तिपूर्ण। तरीके से अपने मत का प्रयोग किया। पहले इन गॉवों में दो गुटों के अपराधियों के बीच रक्तरंजित घटनाओं को अंजाम देकर अपनी ताकत का एहसास कराते रहे थे।

बगैर सुरक्षा घूमें अधिकारी।
शेखपुरा


जिले के शेखपुरा तथा बरबीघा क्षेत्र लिए तैनात सुपर जोनल प्रभारी डी.डी.सी. मो0 शाकिर जमाल तथा ए.डी.एम. महेन्द्र प्रसाद सिंह बगैर सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न मतदान केन्द्रों का निरीक्षण करने क्षेत्र का दौरा करते देखा गया। डी.डी.सी. एवं ए.डी.एम. की सुरक्षा का भार केवल उनके बॉडीगार्ड के भरोसे था। जिले के दोनों विधान सभा क्षेत्रों के कुल चार सौ बारह बुथों के लिए सुपर जोनल प्रभारी की जिम्मेवारी डी.डी.सी. को सौंपी गई थी। जबकि बरबीघा की जिम्मेवारी ए.डी.एम. को सौंपी गई थी। 

चार हिरासत में।
शेखपुरा, 



शेखपुरा शहर के इन्दाय मूहल्ला स्थित मतदान केन्द्र पर व्यवधान उत्पन्न करने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन्दाय मतदान केन्द्र पर हिरासत में लिये जाने वालें में वार्ड पार्षद गंगा यादव, विनोद यादव, कलेश्वर यादव, तथा तपेश्वर सिंह का नाम शमिल है। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन्दाय मतदान केन्द्र पर बाहर से मतदाता को लाकर मतदान केन्द्र में पहले वोट डलवाने को लेकर व्यवधान उत्पन्न करने के मामले में इन चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।

बोगस वोटिंग से आक्रोशित लोगों ने ई.वी.एम. मशीन तोड़ा। 
घंटों मतदान बाधित, हुसैनाबाद गॉव में घटी घटना 6 हिरासत में।
शेखपुरा, 


शेखपुरा विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत हुसैनाबाद गॉव में मतदान केन्द्र पर तैनात एक महिला कर्मी द्वारा बोगस वोटिंग करवाने को लेकर आक्रोशित लोगों द्वारा ईवीएम मशीन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया है। जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस बल छापेमारी कर रही है। सूत्रों ने बताया कि हुसैनाबाद गॉव स्थित बुथ संख्या 123 पर पर्दानशीं वोटरों की पहचान के लिए तैनात महिला कर्मी द्वारा बोगस बोड डलवाया जा रहा था। जिससे आक्रोशित लोगों ने मतदान केन्द्र से ईवीएम मशीन को ले भागा, तथा क्षतिग्रस्त कर उसे तालाब के किनारे फेंक दिया। जिसे बाद में मतदान कर्मियों द्वारा बरामद कर लिया गया। इस घटना के उपरान्त डी.एम. धर्मेन्द्र सिंह एवं एस.पी. कुंवर सिंह घटना स्थल पर छानबीन की। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर छह लोगों को हिरासत में ले लिया है। ईवीएम को क्षतिग्रस्त करने के कारण हुसैना वाद मतदान केन्द्र संख्या 123 पर घंटों मतदान बाधित रहा। बाद में नया ईवीएम मशीन उपलब्ध करवाये जाने के बाद पुन: मतदान को चालू कराया गया।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 51   प्रतिशत मतदान, शेखपुरा में      प्रतिशत 52 तथा बरबीघा में 51    प्रतिशत मत पड़े। 
शेखपुरा


मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शेखपुरा विधान सभा क्षेत्र के दो सौ पन्द्रह बुथों पर 52    प्रतिशत मत डाले गये। जबकि बरबीघा विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत एक सौ बानबें बुथों पर मत डाले गये जिले के दोनों विधान सभा मिलाकर कुल  51  प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कुल चार सौ बारह बुथों पर मतदान कराने को लेकर प्रशासन द्वारा भूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था का इन्तजाम किया गया था। जहॉ मतदाताओं ने निभीZक होकर अपने मत का प्रयोग किया सुबह ग्यारह बजे तक शेखपुरा विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत 15 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मतदान का प्रयोग किया था। जबकि बरबीघा विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत 15 प्रतिशत मत का प्रयोग मतदाताओं ने किया। वही दिन बढ़ने के साथ ही मतदान करने वालों की तादाद भी बढ़ती गई। मतदान सम्पन्न होने के साथ शेखपुरा विधान सभा के 12 तथा बरबीघा विधान सभा के ग्यारह प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम मशीन में कैद हो गई। मतदान समाप्ति के बाद ईबीएम को बज्रगृह में लाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। दोनों विधान सभा के लिये वज्रगृह जवाहर नवोदय विधलय के कक्ष में बनाया गया है। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शान्ति पूर्वक सम्पन्न हो गया। लोकतन्त्र के इस महापर्व में महिलाओं ने पुरूषों से बढ़चढ़ कर भागेदारी निभायी। मतदान की गणना 24 नवम्बर को जवाहर नवोदय विधालय स्थित बहुउद्देश्यीय कक्ष में कराया जायेगा। 

मैनेजमेन्ट पर मतदाता भारी।
शेखोपुरसराय,

शेखोपुरसराय प्रखण्ड के अधिकांस मतदान केन्द्र संवेदनशील रहने के कारण चाक-चौबन्ध सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदाताओं ने निभिZक होकर अपने-अपने मतों का प्रयोग किया। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी की परिन्दा भी पर नहीं मारे और बोगस वोटर का होस क्या कि सोच भी सके यही कारण था कि सारे बुथों पर सुबह से ही क्या पुरूष क्या महिला सभी सारे काम छोड़ कर अपना मतों का प्रयोग के लिए लम्बी लाइन में डटे नज़र आए कहीं महिलाए अपने दुधमुहें बच्चों को लिए लम्बी करात में खड़ी नज़र आई तो कहीं बूजूर्गों ने पूरे श्रद्धा के साथ अपने मत डाले, वोट के ठेकेदारों की एक भी नहीं चली मतदाता यही कहते नज़र आए कि बड़ी आराम से वोट डाले। रात-रात भर घुम कर सेेटिंग-गेटिंग करने वालों कि मतदाताओं ने सारे समीकरण तोड़ डाले।  जैसा कि लोगों से जानकारी मिली उससे तो थोड़ा-बहुत नज़र जो आ रहा था वह जाती समीकरण तो हावी रहा ही और कहीं भी कोई अप्रिय घटना या झड़प की घटना सुनने को नहीं मिली। बारह बजे के बाद तो कहीं-कहीं मतदान केन्द्र शान्त नज़र आया इस बार वोटर कि धाक रही वोट के ठेकेदार की तो हवा ही निकल गई।  

लोकतन्त्र के महापर्व में मतदाता की जय।
बरबीघा
लोकतन्त्र का महापर्व लोगों कें उमंग के साथ ही सम्पन्न हो गया। कहीं बुढ़ी महिलाओ ं का हौसला देखने को मिला तो कहीं पैर में प्लास्टीर भी वोट में बाधा नहीं बना सका। लोकतन्त्र के इस महापर्व में छिटपुट घटनाओं को छोड़ शान्तिपूर्ण मतदाना में लोगों का भी सहयोग मिला। सबसे पहले बुथ नं 12 सरैया में मुखीया रूणीया देवी का नाम सहित 100 से अधिक लोगों का नाम काट दिए जाने के बाद लोगों ने जम कर हंगामा किया। वहीं बुथ संख्या 11 में लंबी कतार लगा कर लोग वोट देते नज़र आये। बहीं एक निर्दलीय प्रत्याशी का पर्चा इबीएम मशीन के पास देखा गया। बरबीघा विधान सभा के कासीबीधा बुथ पर भी महिलाओं की कतार दिखी वहीं तेउस बुथ पर महिलाओं की उमंग सामने आ रही थी। बुथ संख्या 131 लोदीपुर में पीठासीन पदाधिकारी पर लोगों के द्वारा धिमीगति से मतदान कराने का आरोप लगाया गया। जबकि बरबीघा नगर क्षेत्र के असीयाचक गांव कें लोगों ने बुथ संख्या 59 पर बोट का बहिस्कार किया। गांव वालों का आरोप था कि गांव का विकास नहीं हो सका है।

रंडीबाज

रंडीबाज (लघुकथा, एक कल्पकनिक कथा। इस कहानी से किसी व्यक्ति या संस्था को कोई संबंध नहीं है) चैत के महीने में अमूमन बहुत अधिक गर्मी नहीं होत...