10 दिसंबर 2010

मैं चोर हुं...


                                          ईख की चोरी करने का अपना ही मजा है.

रंडीबाज

रंडीबाज (लघुकथा, एक कल्पकनिक कथा। इस कहानी से किसी व्यक्ति या संस्था को कोई संबंध नहीं है) चैत के महीने में अमूमन बहुत अधिक गर्मी नहीं होत...