18 दिसंबर 2010

प्रेम की परिभाषा


प्रेम

समर्पण का एक अन्तहीन सिलसिला

आशाओं

आकांक्षाओं

और भविष्य के सपनों को तिरोहित कर

पाना एक एहसास

और तलाशना उसी में अपनी जिन्दगी.....

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गुरुदेव ओशो ने मुझे आदमी बनाया..

गुरुदेव ओशो ने मुझे आदमी बनाया...गुरु पूर्णिमा पे नमन #ओशो (अरुण साथी) किशोरावस्था में गुरुदेव #ओशो आशीर्वाद मुझे "मिट्टी का दीया&quo...