16 मार्च 2010

शेखपुरा-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक खयाति प्राप्त शय्यद शाह हुसेन की मजार पर उर्स मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में बंगलादेश, उड़ीसा, पिश्चम बंगाल एवं झारखण्ड सहित देश के कई राज्यों से आए हुए श्रद्धालूओं ने चादर चढ़ाई और मन्नतें मांगी। शाह हुसैन की यह 132वां उर्स था जिसको लेकर बड़ी संख्या में श्राद्धालू जिले के पिण्डशरीफ स्थित मजार पर चदार पोशी की तथा सलामति की दुआऐं मांगी। इसकी जानकारी देते हुए मजार के गददीनशीं रिजवानूल हुदा ने कहा कि दशकों से इस मजार पर चादर चढ़ाने के लोग आते है और लोगों की मान्नयता है कि यहां पर चादर चढ़ने से उनकी मन्नतें पुरी होती है।

रंडीबाज

रंडीबाज (लघुकथा, एक कल्पकनिक कथा। इस कहानी से किसी व्यक्ति या संस्था को कोई संबंध नहीं है) चैत के महीने में अमूमन बहुत अधिक गर्मी नहीं होत...