13 मार्च 2010

जदयू में टूट सुनििश्चत, मंहगाई को विकास मानती है कांग्रेस

राजनीति में  अपने तिखे तेवरों के लिए जाने जाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नवादा संसदीय क्षेत्र से सांसद भोला सिंह ने आज फिर एक बार अपने तल्ख बयानों से हलचल मचा दी। जदयू की राजनीति में आए हलचल पर पत्रकारो के द्वारा पुछे गए सवालों के जबाब में सांसद ने स्पष्ट कहा कि सोशलिस्टों का इतिहास रहा है कि जब जब उनको सत्ता मिलती है तो उनकी पार्टी टुट जाती है और सत्ता से अलग होने के  बाद फिर मेल मिलाप होता है। सांसद ने साफ कहा कि महिला आरक्षण बित पर मचे बबाल को लेकर जिसतरह की खिचतान हो रही उसको देखते हुए जदयू का टुटना सुनििश्चत है। सांसद प्रतिनिधि रामविलास सिंह के आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सांसद ने कहा कि महिला आरक्षण बिल भाजपा नेता अटल बिहारी बाजपेई की उपज है और इसी को मुर्तरूप देने के लिए भाजपा ने कांग्रेस से हाथ मिलाया। उन्होने कहा कि महिला बिल पर कांग्रेस के द्वारा राजनीति की जा रही है और  इसका क्रेडिट लेने के लिए कांग्रेस महिला बिल की भ्रुण हत्या करने पर तुल गई है। सांसद ने सदन मे माशZल के प्रयोग का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि सदन में सभी को अपनी बात रखने की आजादी होनी चाहिए  और जो कुछ  हुआ वह निन्दनीय है। उन्होंन सदन में सभापति के साथ सांसदों के द्वारा किए गए व्यवहार को भी उन्हेने भत्र्सना की। मंहगाई के मुददे पर बोलते हुए संासद ने बेबाकि से कहा कि कांग्रेस के लिए मंहगाई विकास का परिचाययक है और कांग्रेस मानती है कि जितनी मंहगाई होगी उतना विकास होगा। उन्होने ने सदन में मन्त्री के अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कांग्रेस मंहगाई को लेकर गम्भीर ही नहीं है और चुनाव में कांग्रेस जाल बिछा का वोट ले लेती है। इस मौके पर संासद ने पार्टी के संगठनात्क चुनाव को ंशान्तिपूर्ण ढंग से निवटाये जाने की बात भी कही।

1 टिप्पणी:

  1. "सांसद ने सदन मे माशZल के प्रयोग का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि सदन में सभी को अपनी बात रखने की आजादी होनी चाहिए और जो कुछ हुआ वह निन्दनीय है। "


    Sansad aisa kyo bartav karte hai ki MArshal ko bulana padta hai.. Hume sarm aati hai aise sansado pe jo sansad ki garima ko bhul jate hai.

    जवाब देंहटाएं

अग्निपथ पे लथपथ अग्निवीर

भ्रम जाल से देश नहीं चलता अरुण साथी सबसे पहले अग्निपथ योजना का विरोध करने वाले आंदोलनकारियों से निवेदन है कि सार्वजनिक संपत्तियों का नुकसान ...