25 मार्च 2010

नेताओ ने फिर गन्दगी उगली.

नताओं को गन्दगी उगलने की आदत सी हो गई है और इस प्रक्रिया में वे सतत एक दूसरे से आगे जाने की होड़ में ऐसी गन्दगी उगलते है जिससे ज्यादा से ज्यादा बदबू हो। इसी होड़ में महाराष्ट्र के मुख्यमन्त्री अशोक कुमार चौहान ने ऐसी बदबू उगली है जिसकी बदबू सारी दुनिया में फैल गई। अशोक चौहान ने कहा कि उनके सरकारी कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन बिन बुलाए मेहमान थे। चौहान जी ने अपना काम कर दिया और बदबू फैल गई पर अफसोस कि यह बदबू ऐसे महान इंसान को लेकर है जिनका सम्मान पुरी दुनिया करती है। ऐसे इंसान को लेकर गन्दगी उगली है जिनको लोग भगवान की तरह पूजतें है। अमिताभ बच्चन को महज इसलिए अपमानित करना कि उन्होने गुजरात के मुख्यमन्त्री नगेन्द्र मोदी के गुजरात का ब्राण्ड एम्बेस्टर बनने का काम किया बहुत ही दुखद है। भवानाओं को अपमानित करने का काम कांग्रेस सदा करती आई है पर अमिताभ को गुजरात को लेकर अपमानित करना कहां तक उचित है। अमिताभ बच्चन को अपमानित करने का यह काम कांंग्रेस के मुख्यमन्त्री के द्वारा किया जा रहा है जबकि अमिताभ ने कहा है कि उन्हें सरकार के एक मन्त्री ने बुलाया था। आखिर इस तरह हंगामा क्यों हो। क्या कांग्रेसी अमिताभ के द्वारा प्रचारित बस्तुओं का सेवन नहीं करते। या अमिताभ बच्चन जब उनके साथ थे तो बहुत अच्छे थे और आज बुरे हो गए। लगता है कांग्रेस  भी राज ठाकरे और बाल ठाकरे  की राह पर चल पड़ी है। कांग्रेस की इस गतिविधि से यह भी लगता है कि सोनिया गांधी को खुश करने के लिए कांग्रेसी अतिथि देवों भव: की परंपरा को  भुल कर सोनिया की पिश्चमी सभ्यता को  अपना रहे है।
मेरा मानना है कि अमिताभ बच्चन उस गुजरात का प्रतिनिधित्व कर रहे है जिसकी पहचान विकास है। अमिताभ बच्चन उस गुजरात का प्रतिनिधित्व कर रहें है जिसकी संस्कृति का लोहा पूरी दुनिया मानती है।

तो बदबू उगलने वालों अपना घर तो बचा कर रखो।

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर

वोट बैंक में बदला धर्म लोकतंत्र का जहर अरुण साथी ताजिया को अपने कंधे पर उठाए मेरे ग्रामीण युवक बबलू मांझी रात भर जागकर नगर में घूमता रहा। ...